अम्बेडकरनगर। अभी कुछ दिन पहले डीएसओ ने विभाग के अव्वल होने की खबर मीडिया में छपवाई थी। उक्त के अनुसार राशन वितरण के मामले में पूरे उत्तर प्रदेश में यह जिला पहले स्थान पर रहा। इस खबर के बारे में जिले के भुक्तभोगी कार्डधारक एवं प्रबुद्ध वर्गीय लोगों ने आश्चर्य व्यक्त किया और कहा कि यह सबसे बड़ी हास्यास्पद खबर है।
डीएसओ के हवाले से छपी खबर को पढ़कर कई समाजसेवियों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ भी व्यक्त किया था। जिसे रेनबोन्यूज में प्रमुखता से स्थान मिला था। अब जब चुनाव मतदान आसन्न है ऐसे में टाण्डा तहसील के ग्राम फरीदपुर कुतुब में सरकार की योजना फ्लाप बताते हुए यह आरोप लग रहा है कि वहाँ 2 बार मिलने वाला राशन कोटेदार द्वारा नहीं दिया जा रहा है। इसमें उक्त गाँव के कार्डधारकों ने कोटेदार व सप्लाई महकमे की मिलीभगत बताया। साथ ही फरीदपुर कुतुब के कोटेदार से तंग आकर लोगों ने एसडीएम टाण्डा को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई। परिणाम अभी तक कुछ भी नहीं मिल सका।
अब उक्त गाँव के कार्डधारक विस चुनाव- 2022 में मतदान के बहिष्कार का ऐलान किया है। इनका कहना है कि कोटेदार के खिलाफ यदि कार्यवाही नहीं की गई और उनको न्याय नहीं मिला तो मतदान का बहिष्कार करेंगे। फरीदपुर कुतुब के ग्रामीणों की यह चेतावनी जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। साथ ही पूर्ति महकमे की कलई खोल रही है।
जानकारी अनुसार टाण्डा के फरीदपुर कुतुब के कोटेदार के खिलाफ एसडीएम टाण्डा को शिकायती पत्र/आवेदन देकर कार्ड धारकों ने अवगत कराते हुए जाँच की मांग और न्याय की गुहार लगाया था। खबर है कि जाँच तो हुई, कोटेदार का कोटा भी निलम्बित हुआ, परन्तु इन ग्रामीणों ने बताया कि डीएसओ अम्बेडकरनगर पूर्ति निरीक्षक टाण्डा व अन्य अधिकारियों की मिली भगत से घाघ कोटेदार ने पैसे के दम पर अपना कोट पुनः बहाल करा लिया। ग्रामवासी कोटा बहाली से आश्चर्यचकित रह गये।
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अधिकारियों ने उनकी समस्या का समाधान नहीं किया, उन्हें न्याय ही नहीं मिला। विभागीय व प्रशासन के अधिकारी कोटेदार के प्रभाव से गरीबों की अनदेखी कर रहे हैं। उनका कहना है कि उक्त गाँव का कोटेदार किसी भी महीने में सरकार की योजना के अनुसार उन्हें राशन व अन्य वस्तुएँ नहीं देता है। फरीदपुर के निवासियों ने कहा कि जब तक उन्हे न्याय नहीं मिलेगा, सभी लोग चुनाव का बहिष्कार करेंगे।