मंकीपॉक्स के बाद अब टॉमेटो फ्लु का खतरा भी बढ़ने लगा है. केंद्र ने हाल ही में हैंड फूट एंज माउथ डिजीज या टॉमेटो फ्लु के विषय में अधिसूचना जारी की है. वहीं, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अनुसार इसका पता सबसे पहले केरल के कोलम जिले में 6 मई से चला. इसपर चिंता की एक बड़ी वजह यह भी है कि ओडिशा में ही टॉमेटो फ्लु से 1 से 9 साल की उम्र के 26 बच्चे पीड़ित हो चुके हैं. ऐसे में जरूरी है कि इस फ्लु से जुड़ी जरुरी जानकारी और सावधानी का सभी को पता रहे.
टॉमेटो फ्लु के लक्षण और सावधानियां
- टॉमेटो फ्लु के लक्षण कुछ-कुछ अन्य वायरल इंफेक्शन जैसे ही होते हैं. कमजोरी महसूस होना, शरीर में दर्द और स्किन पर रैशेज होना भी इसके लक्षणों की गिनती में आता है.
- अपने नाम की ही तरह टॉमेटो फ्लु होने पर त्वचा की सतह पर टमाटर जैसे लाल फोड़े निकलने लगे हैं. शरीर के अलग-अलग हिस्से पर होने वाले ये चकत्ते कुछ दिनों बाद खुद-ब-खुद ठीक होने लगते हैं.
- शुरूआत में टॉमेटो फ्लु या टॉमेटो फीवर होने पर बुखार आने लगता है, खाना खाने की इच्छा नहीं होती, गले में सूजन महसूस होती है. साथ ही छाले हो सकते हैं जो जीभ, मसूड़े, गाल, हथेली और तलवों पर नजर आ सकते हैं.
- अधिसूचना के मुताबिक टॉमेटो फ्लु हैंड फूट एंड माउथ डिजीज का क्लीनिकल वैरिएंट है. यह स्कूल जाने वाले बच्चों को अधिकतर अपनी चपेट में लेता है.
इस फ्लु के छोटे बच्चों में ज्यादा फैलने का एक कारण उनका हर चीज को मुंह में लेना भी है. संक्रमित और गंदी चीजें बच्चों की इस आदत की वजह से उन्हें टॉमेटो फ्लु से पीड़ित कर सकते हैं. कोशिश करें कि बच्चे अपने खिलौने, कपड़े खाना आदि संक्रमित बच्चों से शेयर ना करें.
इससे बचाव के लिए साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी है. बच्चों की पहुंच की चीजों को सैनिटाइज करते रहना चाहिए.
सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. रेनबोन्यूज इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
