बसपा धन्नासेठों की पार्टी नहीं : मायावती

बसपा धन्नासेठों की पार्टी नहीं : मायावती




 ''बसपा धन्ना सेठों की पार्टी नहीं है। इसलिए छोटी-छोटी बैठक करके जनता को पार्टी के साथ जुड़े। पूरी निष्ठा के साथ काम करें। प्रदेश में कानून व्यवस्था के हालात बदतर हैं। सरकारी जुल्म और ज्यादती बढ़ गई है। लोगों को आगाह करने की जरूरत है कि बसपा सरकार बनने पर ही उन्हें न्याय मिलेगा।'' यह बात बसपा सुप्रीमो मायावती ने कही।

दरअसल, यूपी में निकाय चुनाव दिसंबर में होने हैं। फिर 2024 में लोकसभा चुनाव है। चुनावों को लेकर राजनीतिक पार्टियां कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। इसी कड़ी में धनतेरस पर मायावती ने एक अहम बैठक बुलाई। इसमें आने वाले चुनाव को लेकर रणनीति तय की गई। इससे पहले उन्होंने करीब 30 दिन पहले बसपा पदाधिकारियों के साथ मंथन किया था।

इसमें प्रदेशभर के सभी पदाधिकारी, सेक्टर प्रभारी और विधानसभा अध्यक्ष समेत जोनल कोआर्डिनेटर इस बैठक में मौजूद रहे। इसमें अब तक किए गए कामों की समीक्षा की गई।

मायावती ने निकाय चुनाव को देखते हुए पार्टी के पदाधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां दीं। इसके साथ ही संगठन के पुनर्गठन के लिए भी कई नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी। मायावती ने पार्टी के पदाधिकारियों को संगठन के जनाधार को बढ़ाकर भाजपा के विकल्प के तौर पर मजबूती से खड़ा करने के निर्देश दिए। कार्यकर्ताओं और प्रदेश पदाधिकारियों को निकाय चुनाव की तैयारियों को पूरा करने के लिए कहा। उन्होंने सदस्यता अभियान को लेकर फीडबैक लिया।


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