पूजन व जलपान के बाद हमेशा की तरह घर से सैर के लिये निकले थे कि लौटते समय अचानक सड़क पर गिर गये जिसको देख आस-पास के लोगों की सूचना पर परिजन पहुंचे। हालत गम्भीर देखकर नजदीक के एक निजी चिकित्सक के यहां ले गये जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। नगर के वंशगोपालपुर निवासी जगदम्बा प्रसाद श्रीवास्तव के चौथे पुत्र कामेश्वर 82 वर्ष के थे। उन्होंने लगभग 4 दशकों तक निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता की।
ईमानदारी, जनसेवा व पत्रकारिता के लिये अपने समर्पण और व्यक्तिगत जीवन में सादगी के कारण वे अपने साथियों, सहकर्मियों सहित आम जनमानस के बीच गांधी के रूप में जाने जाते थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गयी। बड़ी संख्या में पत्रकार, राजनीतिज्ञ, अधिवक्ता, समाजसेवी आदि उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दिये।
मंगलवार की सुबह पैतृक निवास से शवयात्रा निकाली गयी जो आदि गंगा गोमती के किनारे स्थित रामघाट पहुंची जहां उनके पुत्र संदीप श्रीवास्तव ने उन्हें मुखाग्नि दी। दाह संस्कार में परिजन के अलावा सगे-सम्बन्धी, अधिवक्ता, पत्रकार, व्यवसायी आदि शामिल रहे।
