पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने की भारत की विदेश नीति की तारीफ, ISI की पोल खोलने की धमकी दी

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने की भारत की विदेश नीति की तारीफ, ISI की पोल खोलने की धमकी दी



पाकिस्तान में इमरान खान और सरकार के बीच चल रही सियासी जंग आर-पार की लड़ाई में तब्दील हो चुकी है। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की ओर से शुक्रवार को शुरू हुआ आजादी मार्च लाहौर के लिबर्टी चौक पहुंच गया। यहां इमरान खान ने शहबाज शरीफ सरकार पर जबरदस्त निशाने साधे। उन्होंने कहा कि यह मार्च किसी राजनीति या निजी फायदे के लिए नहीं है, बल्कि देश की आजादी के लिए है। उन्होंने कहा कि मार्च का सीधा मकसद देश को आजाद करने के लिए है। अपने भाषण के दौरान इमरान खान एक बार फिर भारत की तारीफ कर गए। उन्होंने भारत की विदेश नीति को स्वतंत्र बताते हुए शरीफ सरकार की खिंचाई की। साथ ही उन्होंने अपने देश की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर निशाना साधा और कहा कि वह एजेंसी की पोल खोल देंगे।


गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता और आईएसआई के प्रमुख नदीम अहमद अंजुम की तरफ से की गई साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में इमरान खान पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। कहा गया था कि इसी साल मार्च में सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को 'लुभाने वाला प्रस्ताव' दिया गया था। शुक्रवार को इन्हीं आरोपों का जवाब देते हुए इमरान खान ने आईएसआई पर निशाना साधा। 


इमरान ने कहा, "कल हुई सेना और आईएसआई की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस शेख रशीद के बयानों से ज्यादा राजनीतिक थी।" उन्होंने धमकाने के अंदाज में कहा, "ध्यान से सुनो डीजी आईएसआई, जो मैं जानता हूं, उस पर मैं सिर्फ अपने संस्थानों और देश के लिए चुप बैठा हूं। मैं अपने देश को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता। जब हम संस्थानों की आलोचना करते हैं, तो यह आपके भले के लिए होता है। मैं काफी कुछ बोल सकता हूं और जवाब दे सकता हूं। पर मैं इस संस्थान को कमजोर नहीं करना चाहता।"


बता दें यह मार्च लाहौर से इस्लामाबाद तक निकाला जाएगा। इमरान खान पहले ही आजादी मार्च निकालने की घोषणा कर चुके थे। हालांकि, तब शरीफ सरकार ने उनकी कोशिशों में कई रोड़े अटकाए थे।

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