गोरखपुर की सहारा एस्टेट कॉलोनी के करीब छह हजार परिवारों को बड़ी राहत मिल गई है। अब गोरखपुर नगर निगम इस कॉलोनी का ख्याल रखेगा। नगर आयुक्त ने इस कॉलोनी को नगर निगम में शामिल करने का ऐलान किया है।
गोरखपुर की सहारा एस्टेट कॉलोनी के करीब छह हजार परिवारों को बड़ी राहत मिल गई है। अब गोरखपुर नगर निगम इस कॉलोनी का ख्याल रखेगा। नगर आयुक्त अविनाश कुमार सिंह ने इस कॉलोनी को नगर निगम में शामिल करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही तकरीबन 20 साल से सफाई, सीवर, सड़क, नाली जैसी सुविधाओं के लिए चल रहे कॉलोनी के नागरिकों के संघर्ष को एक मुकाम मिल गया है। बिल्डर कम्पनी और सोसाइटी के विवाद के कारण निगम में शामिल न होने से स्थानीय लोगों को तमाम मुश्किलें उठानी पड़ रही थीं।
सोमवार को कॉलोनी के प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त से मुलाकात कर 100 लोगों द्वारा गृह कर जमा करने का आश्वासन पत्र दिया। प्रतिनिधि मण्डल में सहारा एस्टेट आवासीय कल्याणकारी समिति के अध्यक्ष एपी त्रिपाठी, एसवी सिंह, शंभूनाथ राय, संजोग सिंह, मीडिया प्रभारी त्रिभुवन सिंह शामिल रहे। नगर आयुक्त ने पूर्व में कर जमा करने वाले 64 लोगों को रसीद भी दी। आश्वस्त किया कि कॉलोनी के लोगों का नाम नगर निगम की मतदाता सूची में भी शामिल कराया जाएगा। कॉलोनी को गोपलापुर वार्ड में शामिल कर निगम के दस्तावेजों में इसका नाम गोपलापुर सहारा एस्टेट दर्ज किया गया है। साथ ही कॉलोनी कीसफाई एवं डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन भी शुरू कर दिया गया।
साल 2002 में सहारा एस्टेट कॉलोनी का निर्माण शुरू हुआ। 2004 में आवंटियों को कब्जा मिल गया। साल 2009 में कॉलोनी के कम्पलीशन सर्टिफिकेट के लिए जीडीए में आवेदन किया लेकिन प्रमाणपत्र नहीं मिला। नगर निगम में कई दौर की बातचीत के बाद सहारा एस्टेट आवासीय कल्याणकारी समिति की पहल पर कॉलोनी के 64 लोगों ने गृह कर जमा किया। 100 से अधिक लोग गृह के लिए फाइल तैयार कर चुके हैं। कॉलोनी में 1050 घर जिनमें 6000 के करीब परिवार रह रहे हैं।
गोरखपुर के नगर आयुक्त अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि सराहा एस्टेट नगर निगम क्षेत्र में ही आता है। निगम सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। सफाई और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की सुविधाएं शुरू भी करा दी गई हैं। कूड़ा एकत्र करने वाली गाड़ी बढ़ाई जाएगी। लोगों ने कर गृहकर जमा करना भी शुरू कर दिया है।
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