औरैया में पुलिस महकमे की थाह लेने के लिए SP चारू निगम 'सरिता चौहान' बन गईं। गुरुवार को पुलिस लाइन में सरिता नाम की महिला का फोन आया। वह कहती हैं, हेलो! मैं सरिता चौहान बोल रही हूं। मेरे साथ दिबियापुर रोड स्थित प्लास्टिक सिटी के पास लूट हो गई है। तमंचे से लैस बाइक सवार दोनों लुटेरे औरैया की ओर भागे हैं।
ये सुनते ही थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। महिला से जानकारी ली। कुछ देर तक पुलिसकर्मियों ने वाहनों की चेकिंग की। लेकिन, कुछ हाथ नहीं लगा। करीब 1 घंटे बाद पता चला कि वह महिला और कोई नहीं, बल्कि खुद SP चारू निगम हैं, जो पुलिस की वर्किंग और रिस्पॉन्स टाइम चेक कर रही थीं।
IPS चारू निगम का वीडियो जैसे ही ओरैया पुलिस ने ट्वीट किया, तो लोगों ने इस ड्रामा बताकर ट्रोल कर दिया। औरैया पुलिस पर लोग कमेंट कर रहे हैं। एक शख्स ने यहां तक कह दिया कि ओवर एक्टिंग का 50 रुपया कटना चाहिए।
दरअसल, SP चारू निगम ने गुरुवार को खुद के साथ लूट की घटना की साजिश रची। खुद की वीडियो बनवा ली। वह पुलिसिया रिस्पॉन्स टाइमिंग को जांचना चाहती थीं। इस वजह से उन्होंने ट्रायल रिपोर्ट की कहानी बनाई। इस झूठी लूट की घटना के ठीक पहले का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह बाइक से घटनास्थल पर जाती दिख रही हैं।
बात गुरुवार की है। SP चारू निगम शाम करीब 4 बजे सादी वर्दी में पिंक कलर के कपड़े पहनकर एक बाइक पर बैठकर चलती हैं। सामने बड़ी मात्रा में पुलिस फोर्स है। एक युवक वीडियो बना रहा है। वीडियो में साफ सुनाई दे रहा है कि 'चलो चलो, देखो कौन सी जगह सही रहेगी।'
लूट की घटना को सत्यापित करने के लिए एसपी ने कोई सुनसान जगह चुनी। उन्होंने दिबियापुर रोड स्थित प्लास्टिक सिटी के क्षेत्र का चयन किया। वजह थी कि यह जगह सुनसान है। यहां पर कोई ज्यादा आता जाता नहीं है। यहीं पर उन्होंने बाइक रुकवाई और 112 को फोन मिला दिया।
कॉल रिसीव होते ही बोलीं, " हेलो मैं सरिता चौहान बोल रही हूं, मेरे साथ दिबियापुर रोड पर लूट हुई है। दो बदमाशों ने तमंचे के बल पर मुझसे लूटपाट की है। आप जल्दी आइए, लुटेरे बाइक से औरैया की तरफ भागे हैं। "
ये सुनते ही जिले में अलर्ट जारी हुआ। वायरलेस मैसेज से सूचना दी गई। उसके बाद नाकाबंदी कर बाइकों की चेकिंग शुरू की गई। करीब 30 मिनट तक औरैया शहर और दिबियापुर रोड पर आने जाने वाली सभी बाइकों को चेक किया गया।
नतीजा कुछ नहीं निकला तो आधे घंटे बाद सरिता चौहान बनीं एसपी ने अपने चेहरे से स्काफ और मास्क हटाया तो सामने खड़े पुलिसकर्मी हैरान रह गए। वो सरिता चौहान नाम की महिला कोई और नहीं जिले की पुलिस अधीक्षक चारू निगम थीं। एसपी को देख सभी पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। सभी ने एसपी को सैल्यूट किया और इस झूठी कहानी का कारण पूछा तो एसपी ने उन्हें पूरी बात बताई।
एसपी चारू निगम के मुताबिक, " मैं जानना चाहती थी कि पुलिस कितनी जल्दी रिस्पॉन्स करती है। अगर कोई नागरिक समस्या में है तो पुलिस कितनी तेजी से मौके पर पहुंचती है और घटना का कितनी तत्परता से अनावरण करती है। यही जांचना मेरा उद्देश्य था। जो कि सफल रहा। पुलिस की रिस्पॉन्स टाइमिंग संतोषजनक रही।"
एसपी चारु निगम ने भले ही पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम चेक करने के लिये ये पूरी स्क्रिप्ट लिखी हो, लेकिन सड़क किनारे खड़े पुलिसकर्मियों के सामने बाइक पर बैठकर जाते समय वीडियो बनवाकर वह ट्रोल भी हो रही हैं। सोशल मीडिया पर लोग ये रियलिटी चेक प्री-प्लांड बताकर कह रहे हैं कि पुलिसकर्मियों के सामने जाकर अचानक फोनकर फर्जी लूट की सूचना देकर कैसे रियलिटी चेक होगा।
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