दलदल पार्टी आलाकमान ने अपनी पार्टी के लिए चुनावी घोषणा पत्र तैयार किया। आलाकमान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस सजाई और पार्टी के चुनावी स्वप्न पत्र का विमोचन किया।
- रामविलास जांगिड़
खचाखच भरे मीडिया गणों के मध्य पार्टी के सपनों को साकार करने के लिए अपना संकल्प दोहराया। देश के तमाम वोटरों को अपने ढंग के सपने देखने के लिए तैयार किया। थोड़ी देर बाद ही आलाकमान ने पार्टी दफ्तर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जन-जन तक पहुंचा दो। पार्टी की घोषणा को हर वोटर के सपनों से जोड़ दो।
हमें न केवल व्यक्तियों के बल्कि सभी जानवरों के भी वोट चाहिए। फिर आलाकमान ने यह कहानी सुनाई- इंद्रप्रस्थ नगर में एक पार्टी का मुख्यालय हुआ करता था। पार्टी हर बार चुनाव में अपना घोषणा पत्र जारी करती थी। पार्टी हर एक वोटर से लेकर मक्खी-मच्छरों तक को करारे सपने दिखाती थी। उसकी घोषणाओं से ढेर सारे वोट मिला करते थे। पार्टी मुख्यालय के एक पेड़ पर एक बिल्ली बैठी थी। सर्दी के दिन थे और सुबह-सुबह सूरज उगा ही था। पेड़ पर बैठी बिल्ली गुनगुनी धूप का आनंद ले रही थी। उसी पेड़ के नीचे एक बिल्लोरा कुत्ता बैठा था। वह भी धूप का आनंद ले रहा था। सर्दियों में एक शानदार गुलाबी धूप मिल जाए, इससे बढ़कर और क्या हो सकता है? कुत्ते और बिल्ली अपने-अपने ढंग से सर्दियों का मजा ले रहे थे।
तभी कुत्ते ने बिल्ली से पूछा- क्या कर रही हो बहन? बिल्ली ने कहा- कुछ नहीं धूप सेक रही हूं। इस गुनगुनी धूप में मुझे हल्की झपकी आ गई। उसमें मुझे एक सपना आया। सपने में मैंने देखा कि आसमान से चूहे ही चूहे बरस रहे हैं। एक से बढ़कर एक शानदार चूहे! तब कुत्ता हंसने लगा। उसने कहा- हमारे कुत्ता शास्त्र में तो ऐसी बात कहीं लिखी हुई नहीं है। मैं बहुत पढ़ा-लिखा कुत्ता हूं।
कुत्तों की दुनिया में मैंने कई चुनाव भी लड़े हैं। ये एकदम झूठ है। चूहों की बरसात की बात किसी भी शास्त्र में नहीं लिखी है। न ही मैंने ऐसी बरसात कभी देखी है, न कभी सुनी। हां! एक बात जरूर सच है। मुझे रोज एक सपना आता है। देखता हूं कि आसमान से हड्डियां ही हड्डियां बरस रही है। एकदम मस्त वाली कुरकुरी हड्डियां! बिल्ली ने कहा- हद हो गई सपने की! न किसी किताब में पढ़ा, न कहीं सुना कि आसमान से हड्डियों की बरसात होती है। तुम एकदम झूठे हो। दोनों एक दूसरे को झूठा बता रहे थे।
तभी पेड़ की ओट में छिपा दलदल पार्टी का नेता निकला और उसने अपनी पार्टी का घोषणा पत्र उन दोनों के आगे कर दिया। दोनों ने अपने-अपने ढंग के सपने देखे। दोनों को मजा आ गया। फिर इतिहास गवाह है कि पार्टी को हमेशा ही हर प्रकार के लोगों के वोट मिलते ही गए। पार्टी ने सब पर राज किया। सुना तुमने! कहते हुए आलाकमान ने सभी कार्यकर्ताओं को इस चुनावी घोषणा पत्र के प्रचार-प्रसार के लिए कमर कसने के निर्देश दे दिए। कार्यकर्ताओं ने आलाकमान की हां मैं हां हां हां...की भयंकर गर्जना की। पार्टी के द्वारा जारी सपने हर दिशा में तैरने लगे।
![]() |
रामविलास जांगिड़ |
.jpg)
