मायावती ने चला नया दांव

यूपी में मायावती के दौरे और बैठक फरवरी के पहले हफ्ते से शुरू हो सकते हैं. इसके साथ ही बसपा गांव गांव तक पहुंचने के लिए भी मिशन मोड में काम कर रही है.








लोकसभा चुनाव में किसी दल से गठबंधन न करने का एलान करने के बाद बसपा अकेले दम पर 2024 के लोकसभा चुनाव और उससे पहले निकाय चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है. इसके लिए पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती जल्द ही मंडलवार दौरे शुरू करने की तैयारी में है. मायावती के दौरे और बैठक फरवरी के पहले हफ्ते से शुरू हो सकते हैं. इसके साथ ही बसपा गांव गांव तक पहुंचने के लिए भी मिशन मोड में काम कर रही है.


पार्टी सूत्रों की मानें तो मायावती खुद बहुत जल्द सभी मंडलों में जाकर बैठक करने की तैयारी में है. इसे लेकर पार्टी की रणनीति लगभग तय हो चुकी है. बसपा अध्यक्ष सभी मंडलों में जाकर वहां पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगी. उनके साथ मंडलवार समीक्षा करने के साथ ही आगे के लिए जीत का मंत्र भी देंगी. इससे पहले मायावती ने लखनऊ में प्रदेश भर के पदाधिकारियों के साथ दो राउंड की बैठक कर चुनावी तैयारी की रणनीति बताई थी. उस पर कितना काम हुआ, किस तरह काम चल रहा है इसकी समीक्षा भी करेंगी.


इतना ही नही पार्टी इस समय गांव-गांव में वोटर तक पहुंचने की रणनीति पर भी काम कर रही है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने पहले सभी 18 मंडलों में कार्यकर्ता सम्मेलन किये. अब गांव गांव जा रहे हैं. बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने बताया कि लगभग 10 बूथों का सेक्टर है. और हर सेक्टर की मीटिंग लगातार चल रही है. कम से कम एक विधानसभा में दो मीटिंग 1 दिन में. प्रदेश में 403 विधानसभा हैं. अगर एक दिन में दो मीटिंग होती है तो 806 मीटिंग बहुजन समाज पार्टी की डेली चल रही है. इसमें सभी पदाधिकारी, जोनल कोऑर्डिनेटर, जिलाध्यक्ष जा रहे हैं. प्रदेश अध्यक्ष सभी मंडल का दौरा करने के बाद अब तक अयोध्या, सुल्तानपुर, जौनपुर, बनारस, आजमगढ़ और देवरिया पहुंच चुके हैं.


बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने बताया कि बहुजन समाज पार्टी की विधानसभावार, लोकसभावार, जिलेवार, मंडलवार रेगुलर बैठक हो रही. पहले बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती खुद बैठक ले रही थी, उन्होंने सभी को काम दिया है. अब प्रदेश अध्यक्ष को मॉनिटरिंग के लिए लगाया है. 25 जनवरी के बाद मायावती खुद आगे की कार्य योजना बतायेंगी कि किस रूप में हम आ रहे.


वहीं बसपा की रणनीति पर पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अच्छी बात है की बसपा अध्यक्ष मायावती फील्ड में रहें. मजबूत विपक्ष होना भी चाहिए. लेकिन हमें बसपा से कोई फर्क नहीं पड़ता. चिंता समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को करनी चाहिए क्योंकि यह दल बसपा का वोट अपनी तरफ लाने के लिए आतुर रहते हैं. भारतीय जनता पार्टी पूरे समाज की पार्टी है. हमारे पास 60 फ़ीसदी वोट तो है ही. बचे हुए 40 फ़ीसदी में बंटवारा है, और उसमें भी हमारा है. इसलिए हमें कोई चिंता नहीं.

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