अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रशासन ने कहा, वे हंसमुख, मिलनसार और कार्य करने में सक्षम थे. अब समझ में नहीं आ रहा है कि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया है.
प्रयागराज के सीएमओ दफ्तर में तैनात डिप्टी सीएमओ डॉ सुनील कुमार सिंह की सिविल लाइन इलाके के होटल में संदिग्ध मौत हो गई. डिप्टी सीएमओ का शव सिविल लाइन इलाके के एक होटल में संदिग्ध अवस्था में मिला है. सुबह होटल का कमरा न खुलने पर होटल कर्मियों ने सिविल लाइन थाना पुलिस को मामले की सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंचे सिविल लाइन थाना प्रभारी और एसीपी ने कमरे को खोलने की कोशिश की लेकिन कमरा नहीं खुलने पर दरवाजा तोड़कर कमरा खोला गया. इसके बाद डिप्टी सीएमओ डॉ सुनील कुमार सिंह का शव पंखे से लटका मिला.
पुलिस कर्मियों ने जब शव को नीचे उतारा तो देखा कि डॉक्टर सुनील कुमार सिंह की सांसे थम चुकी थीं. मौके पर पहुंचे डीसीपी सिटी दीपक भूकर के मुताबिक फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन कमरा अंदर से बंद था इसलिए प्रथमदृष्टया आत्महत्या का मामला ही लग रहा है. उनके मुताबिक डिप्टी सीएमओ की मौत का कोई संबंध माफिया अतीक अहमद केस से नहीं है.
गौरतलब है कि डिप्टी सीएमओ डॉ सुनील कुमार सिंह वाराणसी के रहने वाले थे. लगभग 45 वर्ष के डॉ सुनील कुमार सिंह के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं. वे वाराणसी से ही प्रयागराज हर दिन आते जाते थे. अगर किसी दिन जल्दी आना होता था तो एक दिन पहले आकर किसी होटल में ठहरते थे. डिप्टी सीएमओ डॉ सुनील कुमार सिंह के ड्राइवर सतीश सिंह के मुताबिक कल दोपहर वह वाराणसी से लेकर उन्हें प्रयागराज आया था, जिसके बाद वह सिविल लाइन के विठ्ठल होटल के 106 नंबर कमरे में रुक गए थे. हालांकि ड्राइवर सतीश सिंह बाहर ही था.
ड्राइवर के मुताबिक उसे किसी पारिवारिक तनाव या नौकरी में किसी दबाव की कोई जानकारी नहीं है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. डिप्टी सीएमओ डॉ सुनील कुमार सिंह स्वास्थ्य विभाग में संचारी रोग के नोडल अधिकारी भी थे. पुलिस ने डिप्टी सीएमओ के परिजनों को मामले की सूचना दे दी है और उनके परिजनों के प्रयागराज आने का इंतजार कर रही है. इसके अलावा पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का भी इंतजार करेगी और उसके बाद परिजनों से बातचीत के बाद मामले में कोई कानूनी कार्रवाई करेगी.
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रशासन डॉ अशोक कुमार ने कहा कि मैं सुबह ऑफिस में आया था तो ये सूचना मुझे सिविल लाइन और पुलिस चौकी से मिली है कि होटल में आपके डीप्टी सीएमओ ने सुसाइड कर लिया है. वे पिछले एक साल से यहां पर थे और बनारस के रहने वाले थे. जहां तक सूचना प्राप्त हुई है अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. वे हंसमुख थे, सभी के साथ मिलनसार भी थे और कार्य करने में सक्षम भी थे, अब समझ में नहीं आ रहा है कि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया है.
डीसीपी सिटी प्रयागराज दीपक भूकर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आज सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि डॉक्टर सुनील यहां रुके थे रुम नंबर 106 में और वे अंदर से दरवाजा नहीं खोल रहे हैं. पुलिस टीम मौके पर पहुंची, दरवाजा खोला गया तो उनकी बॉडी पंखे से लटकी मिली, बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है. प्रथम दृष्टिया ये सुसाइड लग रहा है, सुसाइड के कारणों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.
.jpg)