अम्बेडकरनगर। रसोईया जन कल्याण समिति के सदस्यों ने विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के निकट अंबेडकर प्रतिमा के प्रांगण में धरना दिया। धरने के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया और कहा कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो रसोईया संघ बड़ा आंदोलन करेगा।
संघ के जिलाध्यक्ष रामनिरंजन कनौजिया ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को हर साल मनमाने तरीके से बदल दिया जाता है। वही रसोइयों को बहुत कम वेतन दिया जाता है और जो वेतन दिया जाता है उसे समय से नहीं दिया जाता, जिससे रसोईया और उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझता है। उन्होंने कहा कि रसोईया संघ की मांग है कि रसोइयों को स्थाई किया जाए और उन्हें न्यूनतम वेतन दस हजार दिया जाए। साथ ही पूरे 12 महीने का वेतन दिया जाए और समय से वेतन दिया जाए। रसोइयों की यूनिफार्म धनराशि 500 से बढ़ाकर 1000 किया जाए और मिड डे मील में ठेकेदारी प्रथा और निजीकरण बंद किया जाए।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि रसोइयों को सामाजिक सुरक्षा स्वास्थ्य चिकित्सा आकस्मिक मृत एवं मातृत्व प्रसूति अवकाश की सुविधा दी जाए। कार्य दिवस में दुर्घटना मृत्यु होने पर 50 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। रसोईया की सेवा नियमावली बनाई जाए, ताकि उनका कार्यों एवं भविष्य सुरक्षित रहे।
