समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव के बयान से निकाय चुनाव में एक बार फिर सियासी पारा हाई हो गया है.
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के लिए प्रचार अभियान पूरे जोर शोर से चल रहा है. समाजवादी पार्टी के लिए शिवपाल सिंह यादव ने एक बड़ा दावा कर दिया है. उन्होंने ये दावा बीजेपी के राज्यसभा सांसद का नाम लेते हुए किया है. जिसके बाद राज्य में सियासी पारा हाई होने की संभावना है.
सपा के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा, "मैं भी बीजेपी को अच्छी तरह समझ चुका हूं. उनके सभी बड़े से बड़े नेताओं के संपर्क में रहा हूं." बीजेपी की राज्यसभा सांसद गीता शाक्य को लेकर सपा नेता से जब सवाल हुआ तो उन्होंने कहा, "गीता शाक्य पहले सपा में रह चुकी हैं. लेकिन जब से बीजेपी में गई हैं झूठ पर झूठ बोलती जा रही है. पता नहीं बीजेपी में कौन सी झूठ बोलने की ट्रेनिंग दी जाती है. बीजेपी में सिर्फ नफरत है."
सपा नेता ने आगे कहा, "नफरत के वजह से ही हमारे पुराने साथी सुनील बीजेपी छोड़ सपा में शामिल हुए हैं." दरअसल, शिवपाल यादव अभी निकाय चुनाव को लेकर इटावा पर पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं. सूत्रों की मानें तो शिवपाल यादव के करीबी नेताओं ने इटावा में पार्टी के लिए चुनौती खड़ी कर दी है. यहां शिवपाल यादव के करीबी नेता को बीएसपी ने टिकट दिया है, जिसके बाद सपा नेता ने खुद मोर्चा संभाल लिया है.
हालांकि पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जाकर प्रचार कर रहे हैं. जबकि रामगोपाल यादव, डिंपला यादव और धर्मेंद्र यादव भी प्रचार कर रहे हैं. बता दें कि राज्य में गुरुवार को नौ मंडल के 37 जिलों में वोटिंग हुई है. पहले चरण में 52 फीसदी वोटिंग हुई है. अब राज्य में दूसरे चरण के लिए 11 मई को वोटिंग होगी. इसके बाद 13 मई को वोटों गिनती होगी और नतीजे घोषित किए जाएंगे.
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