दरोगा शिवदीपक सिंह हुआ सस्पेंड

दरोगा शिवदीपक सिंह हुआ सस्पेंड

पुलिस की वर्दी धारण करते ही कई पुलिसजनों के शरीर में राक्षसी प्रविृत्त जाग्रित हो जाती है। तब ये हिंसक हो जाते हैं, रक्षक और मित्र पुलिस जैसे स्लोगन को भूल जाते हैं। ऐसा ही, एक ताजा मामला प्रकाश में आया है, जिसमें एक दरोगा और दो सिपाहियों ने वर्दी का वेजालाभ उठाकर एकदम फिल्मी अंदाज में दो लोगों की निर्मम पिटाई कर अपने राक्षसी प्रविृत्त का उदाहरण पेश किया। बाद में, उन्हें निलंबन जैसी विभागीय सजा झेलनी पड़ी।
 
मामला कुछ यूं है

थाना सम्मनपुर  के दरोगा शिवदीपक सिंह ने अपने दो सहयोगी सिपाहियों के साथ भीम आर्मी के नेताओं की बेल्ट से निर्ममतापूर्वक पिटाई कर उन्हें लॉकअप में बंद कर दिया। यह मामला बीते मंगलवार 16 मई का है। 


यहां बता दें कि लगभग दो साल तक यातायात पुलिस के प्रभारी रह चुके दरोगा शिवदीपक सिंह ‘परमार’ अकबरपुर और शहजादपुर में अपनी हरकतों के चलते चर्चा में रह चुके हैं। 

टीएसआई रहे दरोगा शिवदीपक सिंह पर कई ई-रिक्शा चालक, ऑटो चालक व अन्य वाहनों के चालकों की निर्ममता पूर्वक पिटाई करने का आरोप भी लगा है। 

दरोगा शिवदीपक पने इन क्रियाकलापों से सोशल मीडिया की सुर्खियों में रहें हैं,परंतु विभागीय उच्चाधिकारियों के रहमो-करम से बचे रहे। 

सूत्रों के अनुसार इस दरोगा को अकबरपुर-शहजादपुर के टैक्सी-टैंपो, ऑटो, ई-रिक्शा चालकों द्वारा ‘झक्की दरोगा’ भी कहा जाता रहा है। 


मीडिया सूत्र के अनुसार

अब तक यह जन चर्चा रही थी कि शिवदीपक सिंह का बाल भी बांका नहीं हो सकता, क्योंकि, उसके गृह जनपद के निवासी इस जिले के पुलिस महकमे के आला हाकिम हैं। परन्तु, बीते महीनों पुलिस महकमे के यातायात सेल में सीधी भर्ती के दरोगा और अन्य पुलिस आरक्षियों के यहां आने से शिवदीपक सिंह का टीएसआई पद से हटाकर थाना सम्मनपुर में उपनिरीक्षक पद पर तबादला कर दिया गया था। 


सूत्रों के अनुसार, यातायात प्रभारी के रुप में शिवदीपक सिंह ने अकूत अवैध कमाई की थी। सम्मनपुर में उपनिरीक्षक पद पर तबादले के बाद से यह दरोगा अवसाद में रहने लगा। आम और खास लोगों से मिलते ही इसके अन्दर राक्षस की रुह प्रवेश कर जाती, तब यह मुंह-डंडा और बेल्ट-जूतों का इस्तेमाल करना शुरु कर देता। शिवदीपक सिंह दरोगा, अब निलंबित किया जा चुका है, इसकी हरकतों से दो सिपाही भी दंडित किए गए हैं। इस विभागीय कार्यवाही से पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार सिन्हा के तत्परता की प्रशंसा की जा रही है। 


थाना सम्मनपुर के दरोगा शिवदीपक सिंह और दो सिपाही क्यों निलंबित हुए, मामला कुछ यूं है



जिला पंचायत सदस्य की पिटाई में दरोगा सस्पेंड

अम्बेडकरनगर। जिला पंचायत सदस्य व भीम आर्मी पार्टी नेता राजेंद्र गौतम व टांडा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष मोनू गौतम की थाने में पिटाई कर लॉकअप में बंद कर देने में सम्मनपुर थाने में दरोगा शिवदीपक सिंह व दो सिपाहियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। दरोगा को एसपी ने निलंबित कर दिया है। इससे पहले इस घटना को लेकर बुधवार को भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर नाराजगी जताई और एसपी व डीएम को ज्ञापन सौंपा था। 


सुलेमपुर परसावां निवासी जिपं सदस्य राजेंद्र गौतम ने डीएम व एसपी को बताया कि वे मंगलवार 16 मई को दिन में दो बजे एक प्रकरण में एसओ सम्मनपुर से मिलने गए थे। उनके साथ पार्टी के कई पदाधिकारी भी थे। इसी दौरान वहां एक दरोगा शिवदीपक सिंह व दो सिपाही आए और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली गलौज की। जिला पंचायत सदस्य के अनुसार दरोगा व सिपाही ने उन्हें व टांडा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष मोनू गौतम को घसीटते हुए लॉकअप में बंद कर दिया। इसके बाद पट्टे से 50-50 बार पिटाई भी की।


मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी अजीत कुमार सिन्हा ने दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके बाद एसपी के निर्देश पर सम्मनपुर थाने में ही वहां तैनात रहे दरोगा शिवदीपक सिंह व दो अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ अलग अलग धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया। तीनों आरोपियों पर दलित एक्ट भी लगाया गया है।




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