यूपी सरकार की मंशा नए संसद भवन की तर्ज पर राजधानी में भी नया विधान भवन बनाने की है. नए विधान भवन के लिए जमीन तलाशने का काम जारी है और इसके लिए 200 एकड़ जमीन होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में दारुलशफा और आसपास के क्षेत्र को मिलाकर नया विधान भवन बनाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि नए विधान भवन के लिए दूसरी जगह जमीन तलाश की जाएगा. खुले क्षेत्र में कम से कम 200 एकड़ जमीन तलाशने का काम लखनऊ विकास प्राधिकरण करेगा. रविवार को नए विधान भवन के प्रस्ताव का प्रजेंटेशन पेश किया गया था. मुख्यमंत्री ने प्रजेंटेशन देखने के बाद निर्देश दिया.
पूर्व के प्रस्ताव में यातायात समेत कई प्रकार की समस्याओं का जिक्र किया गया. मुख्यमंत्री ने पुराने प्रस्ताव को खारिज करते हुए शहर से सटे और खुले स्थानों पर जमीन तलाशने का निर्देश दिया. उन्होंने एलडीए को कहा कि जमीन नए स्थान पर तलाश की जाए. तलाशी के दौरान इस बात का ख्याल रखा जाए कि नई जगह पर पार्किंग और यातायात की सुविधा मुहैया कराने में अड़चन नहीं आए. उन्होंने कहा कि कम से कम 200 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी.
प्रदेश सरकार की मंशा नए संसद भवन की तर्ज पर राजधानी में भी नया विधान भवन बनाने की है. नए विधान भवन के लिए पिछले साल से जमीन तलाशने का काम जारी है. योगी सरकार चाहती है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर को विधान भवन की आधारशिला रखी जाए और 18वीं विधानसभा का कम से कम एक सत्र नए विधान भवन में किया जा सके. सरकार की मंशा को देखते हुए दारुलशफा और आसपास के क्षेत्र को मिलाकर नया विधान भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था. सूत्रों के मुताबिक कंसल्टेंट की तरफ से सर्वे और मिट्टी की जांच पूरी कर ली गई थी. अब मुख्यमंत्री योगी ने पुराने प्रस्ताव को खारिज कर दिया है.
