दरवन झील के सुंदरीकरण को 4.7 करोड़

दरवन झील के सुंदरीकरण को 4.7 करोड़



- सत्यम सिंह (9369424759)


अम्बेडकरनगर। जिले की दरवन झील के सुंदरीकरण पर राज्य सरकार 4.7 करोड़ रुपये खर्च करेगी। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ईको पर्यटन के मद्देनजर 124 हेक्टेयर में फैली इस झील को विकसित किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करवा ली गई है।


उन्होंने बताया कि इसके विकसित होने के बाद सैर के साथ ही पक्षी प्रेमियों को विभिन्न प्रजातियों के देशी-विदेशी पक्षियों को देखने का अवसर प्राप्त होगा। झील में पक्षियों के लिए एक टीला बनाया जाएगा। सर्दियों में यहां बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी आते हैं। पर्यटन मंत्री ने कहा कि सरकार हर जिले में चर्चित स्थलों के आसपास बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर पर्यटन को बढ़ाने की कोशिश कर रही है। सरकार का विशेष फोकस इंको पर्यटन पर है। इसके लिए चिह्नित पर्यटन स्थलों के विकास के लिए योजना तैयार की जा रही है।




यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर जिले में कुछ ऐसे स्थलों जिनके बारे में लोगों को कम जानकारी है, के आसपास बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर सैर करने वालों को आकर्षित किया जा रहा है। सरकार का विशेष फोकस ईको टूरिज्म पर है। इसके लिए कई पर्यटन स्थल चिन्हित किए गए हैं। इनके विकास के लिए परियोजना तैयार की जा रही है।


जयवीर सिंह ने बताया कि डरबन झील में देशी-विदेशी पक्षियों के लिए एक टीला बनाया जाएगा। यहां बच्चों के लिए झूले, चार कॉटेज, पार्किंग, सीढ़ियां समेत अन्य कार्य कराए जाएंगे। जाड़े के दिनों में यहां भारी संख्या में विदेशी पक्षी आते हैं। इन पक्षियों के लिए झील के बीच में एक स्थल निर्मित किया जाएगा।


प्रदेश की चंद बड़ी झीलों में से एक दरवन के विकास को लेकर बीते कुछ दिनों से जिला प्रशासन ने विशेष मुहिम छेड़ रखी है। यूं तो पूर्व में कई बार इसके सुंदरीकरण को लेकर आवाज उठी लेकिन सार्थक नतीजा नहीं आया। कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही डीएम अविनाश सिंह ने ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने स्वयं झील में उतरकर सफाई का वृहद अभियान कई चक्र में चलाया तो वहीं जन सहयोग से झील को संवारने का भी काम शुरू कराया। इसके साथ ही अलग अलग विभागों के साथ मिलकर एक विस्तृत डीपीआर तैयार कराकर शासन को भेजा।



अविनाश सिंह,
जिलाधिकारी 


जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि दरवन झील को विकसित कराने की जो कार्य योजना बनाई गई है उसका बड़ा लाभ आगामी दिनों में दिखेगा। अयोध्या धाम से झील की दूरी 30 किमी. के करीब है। ऐसे में वहां आने वाले श्रद्धालु व पर्यटक यहां तक इस पक्षी विहार व पर्यटक स्थल का आनंद उठाने आएंगे। इसके लिए जिला प्रशासन सभी संभव प्रयास आगे और मजबूती से करेगा। 


झील को इस तरह विकसित किया जाएगा कि स्थानीय लोगों का रोजगार बढ़े और पर्यटन की दृष्टि से भी लोगों को बेहतर एहसास हो सके। मंत्री ने कहा कि सरकार का विशेष फोकस इको टूरिज्म पर है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में कम चर्चित महत्व के स्थलों को चिह्नित कर उन्हें पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।


दरवन झील की विशेषता


यह दरवन झील जिले की अकबरपुर तहसील में स्थित एक प्राचीन झील है।अकबरपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत 300 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फैली दरवन झील मुख्य रूप से ग्राम पंचायत दरवन, हाथ पाकड़ और चांदपुर जलालपुर क्षेत्र में फैली हुई है। यह एक प्राकृतिक झील है।यह झील विभिन्न क्षेत्रों से पानी एकत्र करने के साथ साथ आसपास ग्रामों के लिए सिंचाई का मुख्य स्रोत भी है। इसके अतिरिक्त सर्दियों के मौसम में इस झील में बड़ी संख्या में दुर्लभ प्रजाति के प्रवासी पक्षी आते हैं जो यहाँ की प्रमुख विशेषता है। साइबेरियन पक्षियों के साथ ही अन्य विदेशी पक्षी भी यहाँ देखे जा सकते हैं। इस प्रकार यह झील पशु-पक्षियों के संरक्षण की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। अयोध्या से इसकी दूरी लगभग 30 किलोमीटर है।अयोध्या अंबेडकर नगर मुख्य मार्ग से लगभग दरवन झील की दूरी 2 किलोमीटर है।अयोध्या में श्री राम मंदिर बनने के उपरांत निकट भविष्य में यहां पर भारी संख्या में पर्यटकों के आने की असीम संभावना है।

Post a Comment

और नया पुराने