डीएम, एसपी पहुंचे शहीद के घर, परिजनों को दी सांत्वना

डीएम, एसपी पहुंचे शहीद के घर, परिजनों को दी सांत्वना

शहीदों की चिताओं पर, लगेंगे हर बरस मेले। 
वतन पर मरने वालों का, यही बाकी निशां होगा।।


मत रोवो माता लाल तेरे बहुतेरे।
जन्म भूमि के काम आया मैं, बड़े भाग्य थे मेरे।।


ऐसे ही गीत जिले के आशा गढ़ तिवारी का पूरा निवासी शहीद अरविंद तिवारी के गांव में गूंज रहे थे। सेवानिवृत्त सूबेदार राम मूर्ति तिवारी की आंखों से अश्रुधारा तो बह रही थी, लेकिन बेटे की देश सेवा करते हुए हुई शहादत से सीना गर्व से चौड़ा हो रहा था।


अवसर था  जब शहीद अरविंद तिवारी का तिरंगे में लिपटा शव शनिवार को सीमा से उसके गांव स्थित घर लाया गया था।आला हाकिम अविनाश सिंह पुलिस कप्तान डॉक्टर कौस्तुभ प्रशासन और पुलिस अमले के साथ शहीद अरविंद के शव को कंधा देने शनिवार को आशा गढ़ तिवारी का पूरा पहुंचे।


जिले के आलाहाकिम और पुलिस कप्तान ने शव को कंधा दिया। 


अपार भीड़ थी, गांव और क्षेत्र के तमाम नर नारी शहीद अरविंद तिवारी को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़े थे।


हर आम खास अपने अपने तरीके से शहीद अरविंद के शव को नमन कर रहा था।


- सत्यम सिंह (7081932004)



अम्बेडकरनगर। जिलाधिकारी अविनाश सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ शनिवार को शहीद अरविंद तिवारी के घर पहुंचे और परिवार के लोगों को सांत्वना दी।दूसरे दिन भी क्षेत्रीय लोग तथा रिश्तेदार सूबेदार के घर पर सांत्वना देने के लिए जुटे। डीएम और एसपी अरविंद तिवारी के घर पहुंच कर उनके परिवार के लोगों से मिले और सांत्वना देते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में सभी लोग परिवार के साथ हैं।




पुत्र को खोने से बेहाल पिता सेवानिवृत्त सूबेदार राममूर्ति तिवारी को भी डीएम ने पास बैठकर काफी देर तक समझाया और सांत्वना दी। एसपी ने भी परिजनों से बात की और सांत्वना दी। एसपी ने कहा कि  अरविंद तिवारी देश की सेवा में शहीद हुए हैं। ऐसे ही रणबांकुरों के दम पर हम सब चैन की नींद सोते हैं। डीएम ने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया।


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