क्या इस बार भी बरसात में डूबेगी उसरहवा कॉलोनी...?
| Rainbow News - May 22 2018 3:41PM

अम्बेडकरनगर जिला मुख्यालयी शहर अकबरपुर नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित होता है। इस पालिका क्षेत्र की आबादी लगभग सवा लाख है और यह 25 वार्डों में विभक्त है। इस नगर क्षेत्र में बने आवासों एवं व्यवासायिक प्रतिष्ठानों से प्रतिदिन निकलने वाले गन्दे पानी के निस्तारण हेतु पालिका ने 12 नालों का निर्माण करवा रखा है। नालियों के सहारे गन्दा पानी इन नालों से होकर तमसा नदी में गिराया जाता है।

नपा अकबरपुर सीमा क्षेत्र के एक वार्ड के बारे में ही यहाँ प्रकाशित कर रहे हैं उस वार्ड का नम्बर- 11 है और इसे पूर्व से ही मलिन बस्ती नम्बर 1 कहा जाता है। एक कहावत है कि चूल्हे पर चढ़ी बटलोई का एक चावल ही बता देता है कि चावल पक चुका है या नहीं। ठीक इसी तरह वार्ड नम्बर 11 उसरहवा मलिन बस्ती और उससे सटी नई रिहायशी कॉलोनी नगर पालिका परिषद अकबरपुर की उदासीनता और धन कमाऊ, कमीशनखोरी जैसे रवैय्ये की पोल खोलने के लिए पर्याप्त हैं।

अम्बेडकरनगर के मुख्यालयी शहर अकबरपुर का वार्ड नम्बर 11 मलिन बस्ती, उसरहवा एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ हल्की सी भी बरसात में जलप्लावन की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। सुना जा रहा है इस बार मानसून जल्दी आएगा और बेहतर बारिश होगी, ऐसे में उसरहवा कॉलोनी के निवासियों को भय सताने लगा है कि यदि ऐसा हुआ तो वे अपने घरों में या तो कैद होकर रह जाएँगे या फिर बाहर से घर के अन्दर प्रवेश ही नहीं कर पाएँगे।

इस बार उक्त गली में भारी जल जमाव होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा और तब उक्त क्षेत्र के निवासी लामबन्द होकर अवश्य ही आन्दोलन शुरू करेंगे। उसरहवा कॉलोनी नई बस्ती के रहने वालों में ऐसी खुसुर-फुसुर तेज चल रही है। बेहतर होगा कि नगर पालिका परिषद अकबरपुर के जिम्मेदार लोग इस समस्या का समाधान कराने हेतु गम्भीरता से विचार करें वर्ना की स्थिति में कोई दो राय नहीं कि उक्त क्षेत्र के लोगों का धैर्य जवाब दे जाएगा और वे आन्दोलन की राह पकड़ लेंगे। अकबरपुर नगर पालिका ने बरसात के समय उत्पन्न होने वाले इस संकट से निजात हेतु फिलहाल अभी तक कोई प्रबन्ध नहीं किया है। नगर पालिका के जिम्मेदार ओहदेदारों एवं सभासद की लापरवाही से भठी हुई नालियाँ इस क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है।

दशकों से वार्ड नम्बर 11 उसरहवा कॉलोनी की पहली गली जलमग्न होती रही है लेकिन इसी मोहल्ले के निवासी वार्ड नम्बर 11 के सभासद जिन्हें सम्पूर्ण जानकारी है ने कभी भी इस समस्या को लेकर इसके निस्तारण की पहल नहीं किया। जो अत्यन्त शोचनीय है। पालिका क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों की हालत यह है कि नालियाँ गन्दगी और कूड़े से बजबजा रही हैं। नालों की सफाई हुए भी कई वर्ष बीत गया है। तब से पालिका द्वारा नालों की सफाई नहीं कराई गई है। नगरजनों का कहना है कि यदि इस बार भी नालों की सफाई न कराई गई तो बरसात होने के बाद गन्दगी और जलभराव से हालत बद से बद्तर हो जाएँगे।

रेनबोन्यूज ने गत वर्ष वार्ड नम्बर 11 उसरहवा, मलिनबस्ती से सटी उसरहवा कॉलोनी नई बस्ती की गली सड़क में होने वाले जलजमाव के बारे में तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी संगीता कुमारी से बात किया था तो उन्होंने निवर्तमान अवर अभियन्ता (सिविल) दिनेश राय को मौका मुआयना के लिए भेजा  था। अवर अभियन्ता ने मौका-मुआयना के बाद कहा था  प्रस्ताव न होने की वजह से गली का उच्चीकरण नहीं हो पाएगा।

बीते कई वर्षों से इस वार्ड/मोहल्ला/कॉलोनी के नागरिकों द्वारा नपाप के अधिकारियों को समस्या के बावत बताया जाता रहा है, परन्तु कोई अपेक्षित परिणाम नहीं मिला। लगभग 10 वर्ष पूर्व इस वार्ड के सभासद शिवकुमार से समस्या बताते हुए ड्रेन बनवाने की बात करने पर उन्होंने कहा था कि यह नामुमकिन है क्योंकि इस पूरे इलाके का पानी इल्तिफातगंज रोड स्थित प्रवीण बाल शिक्षा निकेतन के निकट सड़क के नीचे से जिस नाले में गिरता है वह पूरी तरह से चोक हो गया है। उसके मड की सफाई कराने पर ही जल जमाव की समस्या दूर हो सकेगी और यह कार्य जब तक नहीं होगा, मड जे.सी.बी. मशीन के जरिए नहीं साफ की जाएगी तब तक समस्या यथावत बनी रहेगी। इसके लिए वह प्रभावहीन हैं क्योंकि उनकी बात नपाप अध्यक्ष व अन्य अधिकारी गम्भीरता से नहीं लेते हैं।

उसरहवा कॉलोनी जो हल्की सी बरसात में जलमग्न हो जाती है इस समस्या के बावत बीते वर्ष नगर पालिका के वर्तमान अधिशाषी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य को जानकारी दी गई थी और इस बार भी उन्हें इस समस्या से अवगत करा दिया गया है। अब देखना यह है कि अधिशाषी अधिकारी उसरहवा कॉलोनी में होने वाली जलभराव की इस समस्या को कितना गम्भीरता से लेते हैं।



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