अम्बेडकरनगर: फूड मार्केटिंग महकमा के रंगीन मिजाज ओहदेदारों से दागदार हो रहा विभाग
| - Rainbow News Network - Feb 12 2020 5:36PM
  • खाद्य विपणन महकमा के कई रंगीन मिजाज ओहदेदार सुरा-सुन्दरी भोगी
  • जिला स्तरीय खाद्य विपणन अधिकारी इनकी निगाह में काठ का उल्लू
  • विभाग का बैठा रहे हैं भट्ठा, लगा रहे हैं प्रतिमाह लाखों का चूना, गरीबों के हक का खाद्यान्न कर रहे हैं निर्यात 
  • रंगीन मिजाज, सुरा-सुन्दरी भोगी खाद्य विपणन निरीक्षकों का साथ दे रहे हैं गोदामों पर नियुक्त कर्मचारी
  • सभी ब्लाकों में नियुक्त निरीक्षक राजकुमार, किंग और सम्राटों की तरह जी रहे हैं मस्ती भरा जीवन

अम्बेडकरनगर। जिले का खाद्य विपणन महकमा इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। इसका वर्तमान में अहम कारण कुछ इस तरह बताया जा रहा है- महकमे में कार्यरत कुछ निरीक्षक और अधिकारी ऐसे हैं जिन्हें सुरा-सुन्दरी व ऐशो-आराम की लत पड़ चुकी है। जिसकी वजह से विभागीय कार्य तो प्रभावित हो ही रहा है साथ ही विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है। चर्चा में रहने वाले कई विपणन निरीक्षक बाह्य जनपदों व दूर-दराज के हैं। इन सभी ने जिले के शहरों में सुख-सुविधा युक्त आवास किराये पर ले रखा है जिसमें रहकर मौज-मस्ती करते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार जिले के इन रंगीन मिजाज शाह खर्च विपणन निरीक्षकों की हर शाम यार-दोस्तों के साथ पार्टियों में रंगीन होती है। बताया जाता है कि इनके इस लिप्सा तृप्ति की पूर्ति के लिए कई व्यवसाई व धनी वर्ग के नौजवान हमेशा तत्पर रहते हैं, जो इनके डिमाण्ड के अनुसार जरूरत की चीजें इन्हें मुहैय्या कराते हैं। कई ने तो यहाँ तक कहा है कि उनके यार मण्डली में मीडिया के लोग भी शामिल हैं, ऐसे में तब उनका कोई क्या बिगाड़ सकता है। शायद ऐसी बातें करके ये लोग मीडिया को भी बदनाम कर रहे हैं। 

इसी तरह का एक मामला 4 साल पहले प्रकाश में आया था, जिसमें कई रंगीन मिजाज सुरा-सुन्दरी भोगी विपणन निरीक्षकों की करतूतें मीडिया में विस्तार में प्रकाशित हुई थीं, जिन पर जिले के एक राइस मिलर के यहाँ रहने वाली महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। वह लोग जो तत्समय ऐसे कार्यों में संलिप्त थे, जिले से स्थानान्तरित हो चुके हैं। उनके स्थान पर आये और पूर्व से कुछ जमे-जमाये निरीक्षक अब भी मौज-मस्ती काटते हुए विभाग में अपने तरीके से लूट मचाये हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार खाद्य विपणन निरीक्षकों की मौजूदा टीम में से एकाध को छोड़कर बाकी सभी रंगीन मिजाज और सुरा-सुन्दरी भोगी हैं। इनके बारे में कहा जाता है कि इनका भोजन (देशी/विदेशी, वेज/नॉनवेज) महंगे होटल-रेस्तरांओं से आता है, जिसकी कीमत पर डाइट हजारों रूपए बताई गई है। लग्जरी गाड़ियों में घूमना, पर्यटन के नाम पर मनपसन्द रमणीक स्थानों पर सैर-सपाटा (अपने महिला मित्रों के साथ) करना इनका शगल बना हुआ है। 

गोदामों पर मची लूट, गरीबों के निवालों की बोरियों का निर्यात, इसमें शामिल खाद्य विपणन महकमे के जिम्मेदार ओहदेदारों और खाद्यान्न व्यवसाइयों, राइस मिलर्स की गठजोड़, सुरा-सुन्दरी सप्लायर्स आदि की जाँच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग जोरों पर चलने लगी है। जनहित, विभागहित में इस तरह का लूट-खसोट करने वालों व महकमे को अपने कृत्यों से दागदार करने वालों के विरूद्ध जाँचोपरान्त कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता बताई जा रही है। 



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