देश : दुनिया की विडंबना पर खांटी खड़गपुरिया की चंद लाइनें... 
| -RN. Feature Desk - Apr 13 2020 1:37PM

दौर कुछ ऐसा आया है...

-तारकेश कुमार ओझा 

क्या कोलकाता, क्या खड़गपुर 
गया  हो या टाटा 
कोरोना वायरस से कांपी दुनिया 
गांव शहर है सन्नाटा
हर चेहरे पर चस्पा दहशत
दौर कुछ ऐसा आया है .
कैसी होगी भविष्य की दुनिया 
सोच कर दिल घबराया है .
घर से चलेंगे बाबुओं के दफ्तर 
गरीब भटकेंगे दर - ब- दर 
अहसास से मन अकुलाया है , 
दौर कुछ ऐसा आया है . 
बंद कमरों में  होली-दीवाली 
दूर की  कौड़ी बकलौली-बतरस
व्वाट्सएप पर मिलेंगे स्नेह निमंत्रण 
स्क्रीन पर मिटेगी  शादी-बारात की  हसरत
 भयाकुल मन भरमाया है 
दौर कुछ ऐसा आया है.



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