अकबरपुर में दिन के उजाले में काटा गया कीमती शीशम का पेड़
| - Rainbow News Network - Jun 22 2020 4:43PM

अम्बेडकरनगर। मुख्यालयी शहर अकबरपुर के अयोध्या मार्ग स्थित लाल ब्रदर्स पेट्रोल पम्प के निकट सामने एक कीमती विशालकाय शीशम के पेड़ को दिन के उजाले में काटे जाने का मामला इस समय मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। हालांकि उक्त लाखों रूपए कीमत के पेड़ की कटाई के बावत वन विभाग के जिम्मेदारों द्वारा यह कहा जा रहा है कि अकबरपुर विद्युत विभाग के अनुरोध पर शीशम के पेड़ की डाल व टहनियां ही कटवाई गई हैं, जिसे कटवा कर विभाग के प्रांगण में रखवा दिया गया है।

दूसरी तरफ शीशम के पेड़ की कटाई के सम्बन्ध में बताया जा रहा है कि पहले उक्त पेड़ को जेसीबी से गिराने का प्रयास किया गया था, सफलता न मिलने पर मोटे तने वाले शीशम के पेड़ को उसकी जड़ से कुछ फुट की ऊँचाई तक तने को छोड़कर पूरा पेड़ काट दिया गया। इसकी खबर प्रमुखता से सोशल मीडिया में वायरल हुई और अब भी हो रही है। सोशल मीडिया में कहा गया है कि मोटे शीशम के पेड़ को फैजाबाद रोड स्थित चुंगी नाके के एक आरा मिल संचालक द्वारा कटवाया गया। इस मौके पर वन विभाग का एक कर्मचारी वहाँ मौजूद रहा।

यह तो रहा सोशल मीडिया में वायरल हो रहे कथित कीमती मोटे शीशम के पेड़ की दिन के उजाले में कटाई का मामला। हम यह भी लिख सकते हैं कि वन विभाग धरती को हरा-भरा रखने और पर्यावरण संतुलन से सरोकार रखने वाला राजकीय महकमा है। जिसके द्वारा पौध रोपण और ट्र गार्ड निर्माण कराया जाता है। यदि उसी हरियाली पर दिन के उजाले में विभाग की जानकारी और मौजूदगी में बांका, टांगियाँ और आरी चले तो यह भी कहा जा सकता है कि विभाग धरती की हरियाली पर आरा चलवा रही है। जी हाँ रविवार 21 जून 2020 को अकबरपुर-अयोध्या मार्ग पर स्थित लाल ब्रदर्स के निकट विशाल शीशम के पेड़ की कटाई को देखकर कुछ ऐसा ही कहा जा सकता है। हालांकि सोशल मीडिया के अलावा शेष अन्य सम्बन्धित इस बात से मुकर रहे हैं कि शीशम का पेड़ काटा ही नहीं गया है, अपितु उसकी टहनी, पत्तियां व डालें ही कट की गई हैं, वह भी अकबरपुर बिजली विभाग के अनुरोध पर। आखिर लाखों रूपए कीमत के शीशम पेड़ का मोटा कटा हुआ तना कहाँ गया यह प्रश्न भी अनुत्तरित है। 

क्षेत्रीय वन अधिकारी ने क्या कहा-

रविवार 21 जून 2020 को दिन के उजाले में मुख्यालयी शहर अकबरपुर के फैजाबाद (अयोध्या) रोड स्थित कीमती शीशम के पेड़ की कटान के सम्बन्ध में रेनबोन्यूज ने क्षेत्रीय वन अधिकारी वी.के. मिश्र से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि बिजली विभाग अकबरपुर के अनुरोध पर उक्त शीशम के पेड़ की डाल व टहनियां कटवाई गई हैं। काटी गई लकड़ी को न विभाग कार्यालय प्रांगण में रखवा दिया गया है। 

अवर अभियन्ता विद्युत विभाग ने क्या कहा-

अवर अभियन्ता विद्युत वितरण खण्ड अकबरपुर राम अचल गुप्ता से उक्त के सम्बन्ध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि वन विभाग से विशालकाय पेड़ की टहनियों को काटने के लिए अनुरोध किया गया था। लम्बे समय से इस पेड़ की टहनी व डालें बिजली के तारों पर लटकी हुई थीं, जिससे प्रायः विद्युत व्यवधान उत्पन्न होता रहता था। जब उनसे कहा गया कि पूरा पेड़ ही कथित रूप से काट दिया गया है तो उन्होंने कहा कि वह जब तक वहाँ थे, तब तक उसका मोटा तना बचा था। पेड़ की डालें व टहनियां ही काटी गई थीं। पूरा पेड़ नहीं बल्कि जमीन से कुछ फुट छोड़कर पेड़ काटा गया था। 

वन दारोगा (फारेस्टर) ने क्या कहा-

वन विभाग के वन दारोगा (फारेस्टर) शंकर मौर्या ने इस बारे में बताया कि केवल डाल और टहनियाँ ही काटी गई हैं। मीडिया में जिस आरा मिल संचालक का जिक्र किया जा रहा है प्रतीत होता है कि इस तरह की खबरें वायरल करने वाले मीडिया के लोग उससे व्यक्तिगत कोई दुश्मनी निकाल रहे हैं। मौर्या ने बताया कि शीशम के पेड़ की नीलामी होने वाली थी। नीलामी के पूर्व की प्रक्रिया समाप्त हो गई थी, इसी बीच बिजली विभाग ने विद्युत व्यवधान के चलते उक्त पेड़ की डाल और टहनियों को कटवाने का अनुरोध किया। 

उन्होंने यह भी कहा कि काटी गई टहनी व डालों को देखने के लिए आप प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय कैमरे के साथ पहुँच जाइये और फोटो खींच लीजिए। मीडिया को चाहिए कि वह हकीकत लिखे और देश के विकास में अपना योगदान दे। जेसीबी के बारे में फारेस्टर मौर्या ने कहा कि अकबरपुर-अयोध्या मार्ग पर लाल ब्रदर्स पेट्रोल पम्प के आगे एक विशालकाय बरगद का पेड़ बरसात की वजह से गिर गया था, उसी को हटाने के लिए जेसीबी वहाँ गई थी। 

जेसीबी का इस्तेमाल शीशम का पेड़ काटने के लिए नहीं किया जाना था। इसके साथ ही उन्होनंे कहा कि वह स्वयं वहाँ नहीं गये थे। जब उनसे पूछा गया कि वन विभाग का कौन मुलाजिम ट्री कटिंग के समय वहाँ था, तो उन्होंने कहा कि गणेश यादव नामक फारेस्ट गार्ड मौके पर मौजूद थे। उन्हीं की मौजूदगी में शीशम के पेड़ की डाल व टहनियां कटवाई गईं। उनसे सम्पर्क कर और जानकारी ले लीजिए। जब फारेस्ट गार्ड गणेश यादव से जानकारी के लिए सम्पर्क किया गया तो उनसे बात सम्भव नहीं हो पाई। 

(सोशल मीडिया में वायरल समाचार एवं संबन्धितों से वार्ता के आधार पर)



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