अकबरपुर/शहजादपुर में महिला चेन स्नेचर्स सक्रिय
| - Rainbow News Network - Aug 8 2020 1:27PM

ई-रिक्शा, ऑटो, टैम्पो में बैठकर महिलाओं को बनाती हैं अपना शिकार

अम्बेडकरनगर। मुख्यालयी शहर अकबरपुर व शहजादपुर में महिलाओं का एक गिरोह सक्रिय है जो ऑटो, ई-रिक्शा एवं टैक्सी तथा बसों से यात्रा करने वाली महिलाओं के कीमती आभूषणों की स्नेचिंग करता है। इन चेन स्नेचरों की उम्र 30 से 40 के बीच बताई जाती है। ये लोग महिलाओं द्वारा पहने गये चेन, कान के टॉप्स, बाले व अन्य कीमती आभूषण बहुत ही सफाई से पार कर देते हैं और महिलाओं इसकी भनक ही नहीं लग पाती। यदि कभी-कभार चेन स्नेचिंग गिरोह के सदस्यों की धर-पकड़ के लिए लुटी-पिटी महिलाओं द्वारा आवाज लगाई जाती है तो उसको लोग अनसुना कर देते हैं। यहाँ तक कि वाहन चालक भी पीड़ित महिलाओं की गुहार को नजरन्दाज करते हैं। इससे प्रतीत होता है कि ये भी महिला चेन स्नेचर्स गिरोह से मिले हुए हैं। महिला चेन स्नेचिंग की घटनाएँ उत्तरोत्तर इन शहरों में बढ़ रही हैं। 

अकबरपुर व शहजादपुर में चेन स्नेचिंग की कई घटनाएँ कुछ इस तरह घटित हुईं जो एक समान कही जायेंगी। बीते दिनों एक महिला जो विद्यालय में अध्यापन का कार्य करती हैं, अरिया से अकबरपुर बस स्टेशन तक ऑटो (विक्रम) में बैठकर आ रही थी। अकबरपुर-टाण्डा रोड स्थित पुराने डाक बंगले के पास 5 महिलाएँ टैम्पो रोकवाकर ओवरब्रिज पार (पुरानी तहसील) जाने को कहकर ऑटों में बैठ गईं। डाक बंगला और ओवरब्रिज पहुँचमार्ग के बीच एक महिला ने उल्टी करने का बहाना बनाया। इस बीच धक्का-मुक्की का फायदा उठाकर एक साथी महिला ने शिक्षिका का चेन बड़ी सफाई से काट लिया। भुक्तभोगी महिला ने बताया कि टैम्पो में बैठने वाली महिलाएँ जिनकी संख्या 5 थी, उल्टी आने का बहाना करके बोतल का पानी इस्तेमाल कर मुँह धोने लगी और साथ की महिला सदस्यों ने बड़ी बारीकी से कुछ ही पलों में उनके गले का चेन काट लिया। यह तो संयोग अच्छा था कि चेन महिला उच्चकों के हाथ नही लगा। 

चोर-चोर और छिनैती की घटना के बारे में भुक्तभोगी द्वारा तेज आवाज में बस स्टेशन क्षेत्र के लोगों को बताया गया, परन्तु अगल-बगल के दुकानदार, राहगीर और ड्यूटी पर तैनात पुलिस जनों ने उनकी इस चीख-पुकार पर कोई ध्यान नहीं दिया। चेन स्नेचर गिरोह की महिलाएँ मौके का फायदा उठाते हुए बस स्टेशन फ्लाई ओवर के पश्चिमी तरफ से भाग निकलीं। अध्यापिका ने बताया कि महिलाओं की संख्या पाँच थी। इनकी उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच थी। उनमें से एक ने सलवार सूट और अन्य चार ने साड़ी पहन रखा था। बोलचाल में वे स्थानीय लग रही थी। 

यह तो रही जिला मुख्यालयी शहर अकबरपुर में घटित चेन स्नेचिंग की एक ताजी घटना। इसके पूर्व इस शहजादपुर और अकबरपुर में कई महिलाओं के साथ इस तरह की चेन स्नेचिंग की घटनाएँ घटित हो चुकी हैं। उन महिलाओं ने अधिक पूछताछ से बचने के लिए पुलिस चौकी और थाने जाना गंवारा नहीं समझा। लोगों का कहना है कि ई-रिक्शा और टैम्पो चालकों की इसमें मिलीभगत है। ये चालक भी चेन स्नेचिंग गिरोह के सदस्य हैं, जो मोटा आसामी बैठा होने की खबर बजरिये मोबाइल गैंग की महिला सदस्यों को देते हैं। इनकी सूचना पर महिला चेन स्नेचर्स गैंग की सदस्य पहुँच जाती हैं और ऑटो से आगे जाने का बहाना करके उसमें सवार हो जाती है। पहले से बैठी सवारियों को जरा भी आभास नहीं हो पाता कि ये महिलाएँ चेन स्नेचिंग गिरोह की सदस्य हैं। अपने हुनर और अजीब अन्दाज से ये महिलाएँ वाहनों में बैठी महिलाओं का ध्यान बांटती हैं और बड़ी सफाई से उनके आभूषणों को काट लेती हैं। 

इसी तरह की घटना बसखारी थाना क्षेत्र के किछौछा दरगाह में हो रही थी, जहाँ चेन स्नेचिंग गिरोह की महिला सदस्यों द्वारा भीड़ का फायदा उठाकर बाहरी महिला जायरीनों के कीमती चेन व अन्य आभूषणों को काट लिया जाता था। इस तरह की घटनाओं की कई शिकायतें मिलने के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने तीन महिला चेन स्नेचर्स को 27 फरवरी 2020 में पकड़कर वांछित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया था। पकड़ी गई इन महिलाओं में एक आजमगढ़ जनपद के फूलपुर थाना क्षेत्र अन्तर्गत मुड़ियार, दूसरी देवरिया जिला के थाना मइल के कुन्दौली गाँव और तीसरी महिला चेन स्नेचर सन्तकबीर नगर जनपद के थाना दुधारी अन्तर्गत गाँव दुबौलिया की निवासी बताई गई थीं। इन महिला चेन स्नेचरों ने बताया था कि ये लोग महिलाओं का कीमती आभूषण काटकर बेंच देती हैं और उसके पैसे से अपना घर-परिवार चलाती हैं। 

बराबर मिल रही खबरों के अनुसार इस तरह की घटनाएँ धार्मिक स्थल शिव बाबा पर प्रति सोमवार व शुक्रवार को होती रहती हैं। अकबरपुर के बस स्टेशन, शास्त्रीनगर, औलियापुरम कॉलोनी, एल.आई.सी. गली, महानगर कॉलोनी, गायत्री नगर कॉलोनी, उसरहवा गाँधीनगर, मुरादाबाद रेलवे स्टेशन रोड, मीरानपुर, शहजादपुर के फौव्वारा, लोहा मण्डी, नई सड़क, पहितीपुर रोड चौराहा, दोस्तपुर रोड चौराहा, मालीपुर रोड तिराहा, कबीरनगर, मानस नगर, इन्द्रलोक कॉलोनी, शिक्षक कॉलोनी, कृष्णानगर कॉलोनी आदि अनेकों स्थानों पर इस तरह की घटनाएँ घटित हो चुकी हैं। कई भुक्तभोगी महिलाओं और उनके परिजनों ने आशंका जताई है कि चेन स्नेचिंग गिरोह की सक्रियता के पीछे अवश्य ही बहुत बड़े आपराधिक गिरोह का हाथ है। हालांकि अभी तक गिरोह की महिला सदस्यों द्वारा असलहों का प्रयोग नहीं किया गया है, फिर भी लोगों को भय है कि ये महिलाएँ अपने मकसद में नाकामयाब होने और लोगों व पुलिस की गिरफ्त में आने से बचने के लिए असलहों से आक्रमण भी कर सकती हैं। इस तरह की बढ़ी घटनाओं से महिलाएँ अब ऑटो, ई-रिक्शा, टैम्पो में बैठकर कहीं आने-आने में डरने लगी हैं। उनमें भय व्याप्त हो गया है। 



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