वैष्णो देवी भवन पर 8 और पुजारी निकले कोरोना पॉजिटिव
| Agency - Aug 13 2020 5:40PM

यात्रा पर छाए संकट के बादल

देश में फैले कोरोना वायरस की चपेट में अब धार्मिक स्थलों के पुजारी और कर्मचारी भी आने लगे हैं। ताजा मामला हिंदुओं के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री माता वैष्णो देवी भवन से सामने आया है, बुधवार को यहां के आठ और पुजारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। प्राप्त जनकारी के मुताबिक पिछले दो दिनों में भवन से संबंधित 12 लोग कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा 16 अगस्त से शुरू की जाने वाली वैष्णो देवी की यात्रा पर भी संकट के बादल छाने लगे हैं।

कोरोना वायरस संकट और वैष्णो देवी यात्रा को मद्देनजर रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड प्रशासन ने संक्रमितों के संपर्क में आने वाले अन्य कर्मचारियों का कोविड-19 टेस्ट और भवन के सैनिटाइजेशन का काम तेज कर दिया है। बता दें कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड प्रशासन ने कोरोना संक्रमण के बीच 16 अगस्त से शुरू होने वाली यात्रा की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।

पिछले एक सप्ताह से श्राइन बोर्ड ने कटरा से भवन तक सैनिटाइजेशन का काम शुरू करने के अलावा कर्मचारियों और मंदिर के पुजारियों की कोरोना जांच का काम भी शुरू कर दिया है। इसी नियमित जांच में बुधवार को आठ पुजारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से कुछ पुजारियों को श्राइन बोर्ड के नारायणा अस्पताल में और अन्य को पैंथल स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।

इससे पहले गत मंगलवार को एक सुरक्षाकर्मी और वैष्णो देवी के भवन पर तीन भजन गायक कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। पिछले 2 दिनों में 12 लोगों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद से अब 16 अगस्त से शुरू होने वाली वैष्णो देवी की यात्रा को लेकर भी अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि अगर जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मंदिर को आस-पास के इलाके को बफर जोन या कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया तो श्राइन बोर्ड के लिए श्रद्धालुओं की यात्रा चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। हालांकि प्रशासन की तरफ से अभी तक एसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

वहीं कटरा में माता वैष्णो देवी में 30 सितंबर तक प्रति दिन अधिकतम 5000 तीर्थयात्री ही दर्शन कर सकेंगे। 5000 की संख्या में मात्र 500 दूसरे राज्यों के श्रद्धालुओं को दर्शन की इजाजत होगी। श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पंजीकरण के बाद की जाने की इजाजत होगी। जम्मू-कश्मीर के बाहर से आ रहे लोगों को निश्चित रूप से कोविड-19 एंटीजेन टेस्ट कराना होगा। सामाजिक दूरी का पालन, मास्क पहनना अनिवार्य होगा। इसके अलावा श्रद्धालु मंदिर परिसर में किसी प्रकार का चढ़ावा नहीं चढ़ा सकेंगे।

श्रद्धालु रात के समय ना तो भवन में प्रवेश कर पाएंगे और न ही भवन पर रहने की इजाजत दी जाएगी। इतना ही नहीं सुबह व शाम के समय मां वैष्णो देवी भवन पर होने वाली दिव्य महाआरती में भी श्रद्धालु शामिल नहीं हो पाएंगे।कोरोना काल के दौरान प्रसिद्ध अर्द्धकुंवारी मंदिर की पवित्र गुफा भी श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगी। सरकारी आदेश में 60 साल से ज्यादा की आयु वाले, पहले से बीमार, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम के बच्चों को घर में रहने का ही सुझाव दिया गया है। धार्मिक स्थलों की देख-रेख कर रहे संगठनों को इसका अनुपालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी श्रद्धालुओं को ऐसी जगहों पर हर समय 6 फीट की दूरी का ख्याल रखना होगा।



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