यूरिया खाद की किल्लत ने बढ़ाई किसानों की चिंता
| - Rainbow News Network - Aug 14 2020 1:59PM

अम्बेकरनगर। यूरिया खाद की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार सहकारी समितियों का चक्कर लगाने के बावजूद किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा। ऐसे में किसान निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदने को विवश हैं। किसानों का कहना है कि खाद की कालाबाजारी होने से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। यदि किसानों के हितों का ध्यान रखा गया होता तो यह समस्या ही उत्पन्न न होती।

गौरतलब है कि जिले में यूरिया खाद की किल्लत से लगातार किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही हाल महरुआ क्षेत्र का भी है। मौजूदा समय में धान की फसल में खाद की जरूरत है, लेकिन यहां स्थापित ज्यादातर सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत लगातार बनी हुई है। इससे किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा। खाद के लिए लगातार किसान सहकारी समितियों का चक्कर लगा रहे, लेकिन हर बार उन्हें निराशा होकर ही लौटना पड़ रहा।

ऐसे में किसानों को निजी दुकानों से यूरिया की खरीद करनी पड़ रही है, जहां निजी दुकानदार किसानों से मनमाने ढंग से पैसे लेकर खाद बेच रहे। किसानों का कहना है कि यूरिया की किल्लत ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। किसी भी सहकारी समिति पर खाद उपलब्ध नहीं है। जो खाद आती भी है, वह किसानों की मांग के सापेक्ष काफी कम होती है।

ऐसे में जो किसान पहले पहुंच जाता है उसे तो एक से दो बोरी तक खाद किसी तरह से मिल जाती है, लेकिन अन्य किसानों को निजी दुकानों की तरफ ही रूख करना पड़ता है। किसानों का आरोप है कि यूरिया की कालाबाजारी होने से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। यदि किसानों का हित ध्यान में रखा गया होता तो यह समस्या ही उत्पन्न न होती। किसानों ने प्रशासन से अविलंब खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। 



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