देव आनंद का पारस सा स्पर्श पाकर सोना बन गए ये सितारे
| Agency - Sep 26 2020 2:05PM

50 और 60 के दशक में हिंदी फिल्मों में अभिनेताओं की जिस महान तिकड़ी का नाम आता है, वह है दिलीप कुमार, राज कपूर और देव आनंद। इन तीनों कलाकारों ने दर्शकों के लिए अलग अलग स्वाद की फिल्में बनाईं। सिनेमा ने भी इनकी एक अलग छवि बनाई। दिलीप कुमार को ट्रेजेडी किंग कहा गया, राज कपूर को शोमैन तो देव आनंद को रोमांस का बादशाह। देव आनंद ने अपनी जिंदगी तो बनाई ही साथ ही कई और लोगों को भी अपने साथ मिलाकर मशहूर बनाया। आज देव आनंद का जन्मदिन है। इसलिए, आज हम कुछ ऐसे लोगों के बारे में बताएंगे जिन्होंने फिल्मों में कदम देव आनंद के साथ रखा।

गुरुदत्त

देव आनंद और गुरुदत्त दोनों ने ही साथ मिलकर संघर्ष करना शुरू किया था। ये दोनों अच्छे दोस्त भी बन गए थे। उसी समय इन दोनों ने एक दूसरे से वादा किया था कि भविष्य में जो भी आगे जाएगा वह दूसरे की मदद करेगा। भाग्य देव आनंद के साथ निकला। इसलिए उनकी फिल्मों में एंट्री पहले हो गई। फिर देव आनंद ने अपना वादा याद रखा और गुरुदत्त को वर्ष 1951 में आई अपनी हिट फिल्म 'बाजी' से निर्देशन में शुरुआत करने का मौका दिया। गुरुदत्त खुद भी बहुत हुनरमंद थे इसलिए आगे चलकर वह एक जबरदस्त कलाकार और निर्देशक बन कर सामने आए।

कल्पना कार्तिक 

कल्पना की खोज तो देव के भाई चेतन आनंद ने की थी लेकिन उन्होंने अपनी शुरुआत देव की फिल्म 'बाजी' से की। यह फिल्म हिट रही और कल्पना के काम को भी पसंद किया गया। कल्पना को भविष्य में बहुत ज्यादा फिल्में देने के लिए नहीं, बल्कि देव आनंद से शादी करने के लिए जाना जाता है। इन दोनों की शादी का किस्सा भी बहुत अजीब है। देव आनंद ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने कल्पना से 'टैक्सी ड्राइवर' फिल्म की शूटिंग के दौरान सेट पर ही शादी कर ली थी।

साहिर लुधियानवी 

साहिर लुधियानवी का नाम हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन गीतकारों में लिया जाता है। लेकिन एक समय ऐसा था जब इन्हें भी एक बड़े मौके की दरकार थी। और वह मौका उन्हें देव आनंद से मिला। साहिर कई फिल्मों में गीतकार का काम कर चुके थे लेकिन उन्हें पहचान नहीं मिल रही थी। तब देव ने साहिर को अपनी फिल्म 'बाजी' के गीत लिखने का मौका दिया। यहां से उन्हें लोग जानने भी लगे और आगे भी उन्हें बेहतरीन फिल्मों के लिए लिखने के ऑफर आने लगे।

राज खोसला 

फिल्मों के निर्देशन में राज खोसला का बहुत बड़ा नाम रहा है। एक वक्त था जब राज खोसला को खुद देव आनंद ने ही गुरुदत्त के सहायक निर्देशक के रूप में नियुक्त किया था। जब राज खोसला ने अपनी पहली फिल्म बनाई तो उसमें उन्होंने अभिनेता के तौर पर देव आनंद को ही चुना। यह भी बात जानने वाली है कि राज खोसला के निर्देशन में बनी पहली पांच फिल्मों मिलाप, सीआईडी, कालापानी, सोलवां साल और बंबई का बाबू के हीरो देव आनंद ही हैं।

वहीदा रहमान 

जानी-मानी अभिनेत्री वहीदा रहमान को फिल्मों में लाने का श्रेय देव आनंद को नहीं जाता। वह गुरुदत्त थे जिन्होंने वहीदा की फिल्मों में शुरुआत करवाई। यह बात और है कि वहीदा ने एक सहायक अभिनेत्री के रूप में देव आनंद की वर्ष 1956 में आई फिल्म 'सीआईडी' से अपने करियर की शुरुआत की। यह एक क्राइम थ्रिलर फिल्म है जो कि बहुत बड़ी हिट रही। और लोगों ने वहीदा रहमान के काम को भी बहुत पसंद किया।

जीनत अमान 

अभिनेत्री जीनत अमान के करियर में भी सबसे बड़ा मौका देव आनंद की वर्ष 1971 में आई फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' लेकर आई। जीनत तो अपने शुरुआती करियर में दो फिल्में फ्लॉप हो जाने के बाद अपनी हिम्मत हार चुकी थीं और उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को छोड़ने का फैसला कर लिया था लेकिन, उसी समय देव आनंद ने उन्हें अपनी इस फिल्म में लिया जिसके बाद उनकी जिंदगी बदल गई। फिल्म में उनका सिर्फ सहायक अभिनेत्री का किरदार था और बाद में वह अपने समय की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में से एक कहलाईं।

विजय आनंद 

बाहरी लोगों को तो देव आनंद ने खूब मौके दिए ही अपने भाई विजय आनंद के साथ भी इनकी जोड़ी खूब चमकी। विजय आनंद अभिनेता भी कमाल के रहे हैं। 1957 में आई फिल्म 'नौ दो ग्यारह' में विजय ने मुख्य भूमिका निभाई और इस फिल्म का निर्माण भी किया। बाद में इन दोनों की टीम ने गाइड, ज्वेल थीफ और जॉनी मेरा नाम जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं।

टीना मुनीम 

टीना मुनीम को आजकल टीना अंबानी के नाम से जाना जाता है। लेकिन, मुकेश अंबानी से शादी करने से पहले उन्होंने फिल्मों में भी बहुत नाम कमाया। संजय दत्त से उनके अफेयर के चर्चे भी रहे। लेकिन ये बात भी जानने वाली है कि टीना को फिल्मों में लाने का काम देव आनंद ने किया। एक समारोह के दौरान टीना देव आनंद के पास ऑटोग्राफ लेने के लिए आईं और उसी समय देव आनंद ने टीना से फिल्मों में काम करने के लिए पूछ लिया। अच्छी बात यह रही कि टीना ने भी हां कर दी। तो, देव ने वर्ष 1978 में आई फिल्म 'देश परदेस' से टीना को लॉन्च कर दिया। आगे चलकर वह बहुत बड़ी अभिनेत्री बनीं।

जैकी श्रॉफ 

जैकी श्रॉफ को भी फिल्मों में लाने का काम देव आनंद ने ही किया। जैकी ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1982 में आई देव आनंद की फिल्म 'स्वामी दादा' से की और इस मौके को जैकी श्रॉफ आज भी बहुत याद रखते हैं। यहां से जैकी का हुनर लोगों को पता चल गया था लेकिन इसके अगले ही साल रिलीज हुई उनकी फिल्म 'हीरो' ने उनको सुपरस्टार बना दिया।

तब्बू

आज भी अपने बेहतरीन अभिनय के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री तब्बू ने वर्ष 1982 में आई फिल्म 'बाजार' में एक रोल किया था। लेकिन, उनकी चर्चा शुरू हुई 1985 में आई देव आनंद की फिल्म 'हम नौजवान' से। इस फिल्म में अभिनय करने के लिए देव ने उन्हें एक बढ़िया किरदार दिया। यहां से ही लोगों ने तब्बू के हुनर को पहचाना। तब आगे चलकर वर्ष 1994 में उन्होंने अजय देवगन के साथ 'विजयपथ' फिल्म से अपना बेहतरीन करियर शुरू किया।



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