BJP मेरा पुराना घर, कांग्रेस की करनी का 3 नवंबर को मिलेगा जवाब : ज्योतिरादित्य सिंधिया
| Agency - Oct 23 2020 1:17PM

राजनीति का एक नया इतिहास कांग्रेस रच रही है. एक महिला, जो जमीनी स्तर की ग्रामीण महिला है, जो पग-पग पर चलकर जनसेवा के पथ पर चली है, सरपंच बनी, जिला पंचायत सदस्य बनी, जिला पंचायत अध्यक्ष बनी फिर विधायक बनी उसे आइटम कहना इससे दुर्भाग्यपूर्ण बात नहीं हो सकती. इसकी जितनी निंदा की जाए कम है, यह कांग्रेस की महिलाओं के प्रति सोच दर्शाती है. कांग्रेस की दलितों के प्रति सोच दिखाती है. पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने उन्हें जलेबी कहा, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 2 साल पहले मीनाक्षी नटराजन को क्या कहा था.

मैं वह कहना भी नहीं चाहता, ऐसे अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया था. यह कांग्रेस पार्टी की सोच है, नारी शक्ति और मातृ शक्ति के प्रति. इसका जवाब कांग्रेस पार्टी को 3 तारीख को मिल जाएगा. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह तो कांग्रेस पार्टी का अंदरूनी मामला है. मैं तो जो जनता की भावना है, वह कह सकता हूं. लेकिन यह कमलनाथ का अहंकार दिखाता है कि जब उनके पूर्व अध्यक्ष कहते हैं कि माफी मांगनी चाहिए.

कमलनाथ कहते हैं कि भाड़ में जाओ. इतना अहंकारी नेता तो मध्य प्रदेश में कभी देखा ही नहीं. बिसाहू लाल को माफी मांगनी चाहिए बीजेपी के मंत्री बिसाहू लाल पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह बहुत गलत है. मैं सही को सही कहता हूं, गलत को गलत कहता हूं. मैंने स्वयं वह रिकॉर्डिंग नहीं देखी है, लेकिन आप कह रहे हैं तो मैं 100% कहता हूं कि यह गलत है और उनको माफी मांगनी चाहिए. मैं किसी भी गलत काम की रक्षा नहीं करूंगा और ना ही किसी गलत वक्तव्य को डिफेंड करूंगा. जो गलत है तो गलत है. चाहे वह आप कहें या मैं कहूं.  

बीजेपी में अनदेखी के सवाल पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मैं यह कह रहा हूं कि जो गद्दारी कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने प्रदेश की जनता से की है, उसका जवाब आपको कमल के फूल के निशान पर वोट देकर शिवराज सिंह, नरेंद्र सिंह और मेरे हाथों को आपको (जनता को) मजबूत करना है. जहां तक उपेक्षा की बात की आपने, मुझे कोई चिंता नहीं है कि मेरी उपेक्षा हो या ना हो, कांग्रेस में या बीजेपी में. लेकिन  बीजेपी में जो सम्मान मुझे मिला है शीर्ष नेतृत्व से, शिवराज सिंह से, हर कार्यकर्ता से मैं अपना सौभाग्य समझता हूं.

लेकिन अगर मेरे प्रदेश की जनता की उपेक्षा होगी तो ज्योतिरादित्य सिंधिया जरूर सड़क पर उतरेगा.  मेरा लक्ष्य जिंदगी में जनसेवा है-सिंधिया अगर आप केंद्रीय मंत्री बनते हैं? ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मेरा लक्ष्य जिंदगी में जनसेवा है. आप मुझे 20 साल से जानते हैं, मुझे ना कभी कुर्सी का, ना कभी लाल बत्ती का मोह रहा है. मैं 8 साल केंद्र में मंत्री रहा, लेकिन कभी मेरी गाड़ी में लाल बत्ती नहीं रही, ना मध्य प्रदेश में...ना दिल्ली में.

मुझे सेवा का मोह है, विकास के लिए उत्सुक हूं और प्रगति के लिए उत्सुक हूं. मेरे लिए राजनीति केवल एक माध्यम है उस जनसेवा के लक्ष्य की पूर्ति करने के लिए. ना मेरे पूज्य पिताजी पद के लिए लालायित थे ना मैं हूं. जनसेवा के लिए जरूर हूं, विकास के लिए जरूर हूं, उसके साथ कोई समझौता नहीं. जितना हो सकेगा उतना मैं करूंगा.  उपचुनाव में कितनी सीटें बीजेपी को मिलेंगी? इस सवाल पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मैं कोई ज्योतिषी नहीं हूं पर मेरी सोच और विचारधारा है कि हर सीट पर हमारी बहुत अच्छी पोजीशन है और कमल के फूल का परचम लहराएगा.



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