‘संकल्प’ के सूरज कुमार उर्फ बन्टी गुप्ता के बारे में............
| -RN. Feature Desk - Nov 4 2020 1:50PM

रेनबोन्यूज की टीम में एक ऐसे युवा का पदार्पण हुआ जो अपने कृत्यों से हमेशा यह साबित करता रहता है कि वह निःस्वार्थ भाव से समाज सेवा कर रहा है। प्रत्याशा नहीं, लोभ नहीं, असत्य से दूर सौम्य यह युवा हमें एक सदस्य के रूप में तब मिला जब कोरोना काल की शुरूआत हुई थी। वैश्विक महामारी से बचाव के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लागू किये गये देश व्यापी लॉकडाउन प्रथम फेज़ के पहले दिन दिनांक 25 मार्च 2020 को इस युवा समाजसेवी हमारी पहली भेंट हुई थी।

यह युवा उक्त दिन दिवस को मास्क और सैनिटाइजर जैसे महत्वपूर्ण और उपयोगी वस्तुओं को लेकर रेनबोन्यूज कार्यालय आया था। बता दें कि हमने सोशल मीडिया में दो-चार पंक्तियाँ लिखकर मास्क और सैनिटाइजर की मांग किया था। परिणाम यह रहा कि हमारे यहाँ के प्रमुख दानवीर, समाजसेवी अंशु बग्गा के नाम से समाजसेवा के क्षेत्र में प्रख्यात मनप्रीत सिंह बग्गा ने अपने अनुज समान सहयोगी सूरज कुमार उर्फ बन्टी गुप्ता को पुनीत कार्य करने का जिम्मा सौंपा।

पंख उड़ान एक उम्मीद की नामक एन.जी.ओ. के सर्वेसर्वा अंशु बग्गा से दूरभाषीय वार्ता के परिणाम स्वरूप संकल्प मानव सेवा संस्था के प्रबन्धक सूरज कुमार उर्फ बन्टी गुप्ता ने मास्क और सैनिटाइजर की एक खेप रेनबोन्यूज कार्यालय आकर हमें सौंपी। तभी से यानि 25 मार्च 2020 से हमारा लगाव सूरज कुमार उर्फ बन्टी गुप्ता तथा इनके परम वरिष्ठ मार्गदर्शक अंशु बग्गा से हो गया। सूरज के बारे में हमें अधिक कुछ भी नहीं कहना है।

बस इतना जान लीजिए कि जब भी किसी जरूरतमन्द ने इसको पुकारा है इसने बिना किसी ना नुकुर के अविलम्ब एक उत्साही वह मजे हुए समाजसेवी की भूमिका अदा की है। सूरज कुमार के बारे में इतना बता दें कि इस युवा ने ‘संकल्प मानव सेवा संस्था’ जैसी एनजीओ को रक्तदान के क्षेत्र में शीर्ष पर पहुँचाने में अपना भरपूर योगदान दिया है। अपने बालपन से लेकर किशोर और युवा बनने तक की अवधि इस कर्मठ समाजसेवी ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बिताया था।

रेनबोन्यूज के सम्पर्क में आने पर सूरज कुमार की रूचि समाजसेवा के साथ-साथ संवाद संकलन, रिर्पोटिंग और लेखन में बढ़ने लगी। फलतः इन्होंने पुस्तकों का अध्ययन करना शुरू कर दिया है। अच्छे व जीवन उपयोगी लेखों का संग्रह करके ये अपने तरीके से विभिन्न संवाद एजेन्सियों, पत्र-पत्रिकाओं, वेब पोर्टल्स में प्रकाशनार्थ भेजते रहते हैं। इस तरह सूरज कुमार ने अपने आप को एक पत्रकार के रूप में भी स्थापित करना शुरू कर दिया है। 

अम्बेडकरनगर जनपद मे अभी इसे मात्र 5 या कुछ अधिक साल ही हुए हैं। इसने समाजसेवा के क्षेत्र में जाने के लिए अपना आदर्श मनप्रीत सिंह उर्फ अंशु बग्गा को माना और उन्हीं के नक्शे-कदम पर चलते हुए गुरू-शिष्य परम्परा का निर्वहन किया। सूरज हर आयु वर्ग की महिलाओं को सम्मान देते हैं। बच्चों से असीम लगाव रखते हैं। सामाजिक रिश्तों का निर्वहन बखूबी करते हैं। दिन के 24 घण्टे रक्तदान के जरिये लोगों की जीवन रक्षा करने को तत्पर रहते हैं।

तात्पर्य यह कि सोते-जागते इस युवा समाजसेवी को हमेशा इस बात का भान रहता है कि उसके द्वारा किया गया रक्तदान जैसा महादान किसी की प्राणरक्षा कर रहा है। सूरज रक्तदान के बारे में अधिक कुछ न कहकर बस इतना ही कहता है कि- रक्तदान महादान है। इसे करके देखिये, अच्छा लगता है। 



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