किसानों की आवाज सुनने की बजाए सरकार पानी की बौछार मार रहीः प्रियंका गांधी
| Agency - Nov 26 2020 1:00PM

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला करते हुए कहा कि किसानों की आवाज सुनने के बजाए भाजपा सरकार ठंड के मौसम में उन्हें खदेड़ने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल कर रही है। प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, 'किसानों से समर्थन मूल्य छीनने वाले कानून के विरोध में किसान की आवाज सुनने की बजाय भाजपा सरकार उन पर भारी ठंड में पानी की बौछार मारती है। किसानों से सबकुछ छीना जा रहा है और पूंजीपतियों को थाल में सजा कर बैंक, कर्जमाफी, एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन बांटे जा रहे हैं।'

केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आज देश की 10 केंद्रीय यूनियनों ने हड़ताल का ऐलान किया है। माना जा रहा है कि आज की इस देशव्यापी हड़ताल में तकरीबन 25 करोड़ से अधिक श्रमिक हिस्सा ले रहे हैं। इस हड़ताल में परिवहन, बैंक यूनियन, एलआईसी आदि हिस्सा हैं। कर्मचारियों की मांग है कि सभी गैर आयकर परिवारों को 7500 रुपए का नगद दिया जाए और प्रति माह 10 किलोग्राम राशन जरूरतमंद लोगों को दिया जाए।

मनरेगा का विस्तार किया जाए और ग्रामीण क्षेत्र में एक साल में 200 दिनों का काम दिया जाए, किसान विरोधी कानून को वापस लिया जाए, सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण रोका जाए, सभी पेंशन और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को खत्म कर पुरानी पेंशन प्रणाली को बहाल किया जाए। इससे पहले पुलिस ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली में आगे बढ़ने के लिए अंबाला (हरियाणा) के पास शंभू बॉर्डर पर एकत्रित किसानों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

किसान दिल्ली के रास्ते में प्रदर्शन करने के लिए करनाल में एकत्र हुए। अंबाला के पास शंभू बॉर्डर पर किसानों का विरोध जारी है, जहां पुलिस ने उन्हें दिल्ली जाने से रोक रखा है। 'दिल्ली चलो' विरोध मार्च को देखते हुए रोहतक-झज्जर सीमा पर सुरक्षा बल की तैनात की गई है। इसी तरह सिंघू सीमा (दिल्ली-हरियाणा सीमा) पर भारी सुरक्षा तैनात की गई है।



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