दिलीप कुमार-राजकपूर के पुश्तैनी मकानों पर विवाद जारी
| Agency - Feb 10 2021 3:04PM

भारतीय सिनेमा के दो स्तंभ और महान कलाकार दिलीप कुमार और राजकपूर के पेशावर स्थिति पुश्तैनी मकानों के मालिकों के जिद्दीपन से पाकिस्तान सरकार परेशान हो गई है। पाकिस्तान सरकार के पास इतने पैसे हैं नहीं कि वो मुंहमांगी कीमत देकर दोनों महान कलाकारों का पुश्तैनी घर खरीद ले और दोनों मकानों के मालिक इतने जिद्दी हैं कि वो पाकिस्तान सरकार द्वारा तय किए गये कीमत पर घरों को बेचने के लिए तैयार नहीं है।

अब दिलीप कुमार के पुश्तैनी घर के मालिक ने पाकिस्तान सरकार को सलाह दी है कि वो दिलीप कुमार का घर नहीं खरीदे। पाकिस्तान के पेशावर में महान कलाकार दिलीप कुमार और राजकपूर की पुश्तैनी हवेली है। जिसे पाकिस्तान सरकार खरीदकर म्यूजियम बनाना चाहती है। लेकिन दोनों मकानों के मालिकों से पाकिस्तान सरकार की बात बन नहीं रही है। मकान मालिकों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार ने मकानों का जो भाव लगाया है वो काफी कम है।

अभिनेता दिलीप कुमार के पेशावर स्थित पुश्तैनी मकान के मालिक के वकील ने खैबर पख्तूनख्वा सरकार को 100 साल से अधिक पुरानी यह हवेली नहीं खरीदने की सलाह दी है। वकील ने कहा है कि मकान 100 साल से ज्यादा पुराना है और उसकी स्थिति अब काफी खराब हो चुकी है। ऐसे में मकान को खरीदने के बाद उसकी मरम्मत भी भी लाखों रुपयों का खर्च आएगा। लिहाजा पाकिस्तान की खबर पख्तूनख्वा सरकार दिलीप कुमार के पुश्तैनी घर को नहीं खरीदे।

खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने दिलीप कुमार के पैतृक घर के लिए करीब 81 लाख रुपये की मंजूरी दी है। लेकिन उस मकान के वर्तमान मालिक के वकील गुल रहमान मोहमंद ने मंगलवार को पाकिस्तान के एक निजी समाचार चैनल से कहा कि हवेली का मरम्मत सालों से नहीं किया गया है। जिसकी वजह से हवेली की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है।

ऐसे में हवेली का पुनर्निमाण करवाने के अलावा सरकार के पास और कोई विकल्प नहीं होगा। साथ ही मकान का पुनर्निमाण कराने में सरकार को दोगुना का खर्च आएगा। लेकिन, इसके बावजूद भी अगर सरकार दिलीप कुमार के पुश्तैनी मकान को खरीदना चाहती है, तो उसे मकान के लिए बाजार भाव देना चाहिए जो कि लगभग 35 करोड़ रुपये के करीब है। सरकार ने दिए सिर्फ 2 करोड़ 35 लाख वहीं, दिलीप कुमार के पेशावर स्थिति स्थानीय प्रवक्ता फैसल फारूखी के मुताबिक, प्रांत सरकार ने दिलीप कुमार और राजकपूर के पैतृक मकानों को खरीदने के लिए 2 करोड़ 35 लाख रुपये जारी किए थे। पेशावर में दिलीप कुमार का पैतृक आवास 101 वर्गमीटर में फैला हुआ है। जिसकी कीमत सरकार मे 80 लाख 56 हजार रुपये लगाई है।

वहीं राजकपूर के मकान की कीमत सरकार की तरफ से 1 करोड़ 50 लाख रुपये तय की गई है। पाकिस्तान सरकार इन दोनों मकान को खरीदकर संग्रहालय बनाना चाहती है। हालांकि, दोनों मकानों के वर्तमान मालिकों ने मकानों के लिए कम कीमत बताकर सरकार द्वारा तय कीमत पर मकानों को बेचने से साफ मना कर दिया है। दोनों मकान मालिकों का कहना है कि सरकार की तरफ से मकानों की कीमत काफी कम लगाई गई है।



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