अम्बेडकरनगर: अकबरपुर/शहजादपुर में लगे वाटर कूलर बने शो-पीस, हलक तर करने के लिए दर-दर भटक रहे राहगीर
| -RN. News Desk - Jul 6 2021 4:27PM
  • महंगी कीमत पर पानी की बोतलें खरीदने को विवश हैं लोग
  • नपाप अकबरपुर की चेयर मैन सरिता गुप्ता ने नहीं उठाया फोन
  • ई.ओ. सुरेश कुमार मौर्य ने कहा कि खराब वाटर कूलरों को दुरूस्त कराया जायेगा

    
लोग ठण्डी, गर्मी और बरसात में समय-समय पर मौसम से बचाव के लिए गर्म कपड़े, हलक तर करने के लिए शीतल जल प्याऊ और बरसात में छतरियाँ आम जन मानस में वितरित करवाकर पुण्य लाभ कमाते थे। समय बीतता गया। धीरे-धीरे हर कुछ हाईटेक होने लगा। अब एन.जी.ओ. संचालित कर लोग अपने तरीके से जन सेवा कर रहे हैं और समाजसेवी कहला रहे हैं। इसी क्रम में भीषण गर्मी में लोगों को राहत पहुँचाने के लिए अब अनेकों सरकारी व गैर सरकारी संगठनों ने शीतल जलप्याऊ की व्यवस्था करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सरकार के निर्देशानुसार नगरीय क्षेत्रों में नगर निकायों द्वारा वाटर कूलर की स्थापना की गई है।

गर्मी के महीनों में लगने वाली प्यास से सूख रहे हलक को तर करने के लिए लोगों को ठण्डा पानी मिल सके, नगर पालिका द्वारा यह सुविधा दी गई है। परन्तु जब सरकार द्वारा प्रदत्त अति आवश्यक सुविधा का लाभ जरूरतमन्दों को न मिले तो यह स्थिति अत्यन्त ही शोचनीय बन जाती है। इस एपिसोड में हम उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जनपद के मुख्यालयी शहर नगर पालिका अकबरपुर में लगे और अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे वाटर कूलरों के बारे में बता रहे हैं।  

अम्बेडकरनगर। नगर पालिका क्षेत्र अकबरपुर के विभिन्न स्थानों पर लाखों रूपए खर्च कर स्थापित कराये गये वाटर कूलर बीते वर्ष से निष्प्रयोज्य होकर रह गये हैं। प्यासे राहगीर हलक तर करने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं। जब कोई इन वाटर कूलरों के पास बोतल लेकर पानी भरने पहुँचता है तो मायूस होकर वापस हो लेता है क्योंकि इनमें न तो जलापूर्ति व्यवस्था है और न ही वाटर कूलिंग की। मशीने खराब हैं, ढांचे खड़े हैं। ऐसा नहीं है कि सभी वाटर कूलर खराब हैं, दुर्दशाग्रस्त स्थिति में पहुँचे अधिकांश वाटर कूलर इस भयंकर गर्मी में शहर की सड़कों पर ठण्डे पानी की तलाश में भटक रहे लोगों को अंगूठा दिखा रहे हैं। शो-पीस बने ये वाटर कूलर मात्र कहने के लिए हैं जबकि ठण्डा पानी के नाम पर लोगों को इनसे टंकी का गर्म पानी वह भी बमुश्किल मिल रहा है। 

उल्लेखनीय है कि इन दिनों प्रचण्ड गर्मी वह भी उमस भरी अपने चरम पर है। प्यासा गला लिये हलक तर करने वालों को ठण्डे पानी की दरकार होती है। अकबरपुर, शहजादपुर की सड़कों पर चलने वाले लोग ठण्डे पानी की तलाश में इन वाटर कूलर मशीनों की तरफ बड़ी उम्मीद से बढ़ते हैं लेकिन यह क्या...जनाब वाटर कूलर महाशय तो पहले ही बीते सालों से जीर्ण-शीर्ण व तकनीकी गड़बड़ी का शिकार हो चुके हैं। इसके अलावा शहर के दोनों उपनगरों में बहुत से ऐसे स्थान हैं जहाँ 2 वर्ष पूर्व वाटर कूलरों की स्थापना हुई थी, यह क्या वर्तमान में उनका कोई अता-पता ही नही है। नगर पालिका क्षेत्र में अधिकांश स्थानों पर लगे वाटर कूलर कहाँ गायब हो गये हैं कुछ पता ही नहीं। 

इस सम्बन्ध में जानकारी लेने के लिए नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती सरिता गुप्ता से जब दूरभाषीय सम्पर्क किया गया तो उन्होंने अपने सेल फोन को बिजी कर दिया और बात करना गवारा नहीं समझा। हमने नगर पालिका परिषद अकबरपुर के अधिशाषी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य से इस बावत बात किया तो उन्होंने वाटर कूलरों के बारे में कहा कि शहर के सभी वाटर कूलर चल रहे हैं। विशेषतौर पर उन्होंने पटेल नगर तिराहा स्थित वाटर कूलर का जिक्र किया। जब उनसे कहा गया कि बस स्टेशन क्षेत्र स्थित पुराने शिव मन्दिर के बरामदे में लगा वाटर कूलर व अन्य स्थानों पर नगर पालिका द्वारा लगवाये गये वाटर कूलर निष्प्रयोज्य बने हुए हैं और तकनीकी गड़बड़ी का शिकार हैं तो उन्होंने कहा कि उन्हें दिखवाकर ठीक कराया जायेगा। 

बहरहाल कुछ भी हो अकबरपुर-शहजादपुर दोनों उपनगरों में लगे वाटर कूलर एक दम निष्प्रयोज्य से बने हुए बताये जा रहे हैं। देखना यह है कि आधी गर्मी का मौसम बीत चुका है क्या आधे के लिए नगर पालिका परिषद अकबरपुर के जिम्मेदार वाटर कूलरों को दुरूस्त करायेंगे या स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी और लोग अपना हलक तर करने के लिए सैकड़ों रूपए खर्च कर पानी की ठण्डी बोतलें ही खरीदने को मजबूर बने रहेंगे।  



Browse By Tags



Other News