जीएसटी कार्यालय का यह स्वयंभू जीएसटी ऑफिसर, व्यवसाइयों के लिए बना सिरदर्द
| -RN. News Desk - Jul 16 2021 5:07PM

अम्बेडकरनगर। जिले के जीएसटी महकमे में कार्यरत एक ऐसे संविदा मुलाजिम की चर्चा हो रही है, जिसने अल्प अवधि में ही अपने को जीएसटी ऑफिसर के रूप में प्रचारित एवं प्रसारित कर धन कमाना शुरू कर दिया है। बताया गया है कि जीएसटी पंजीयन व टैक्स निस्तारण तथा टैक्स सम्बन्धी अन्य कार्यों के लिए इस तथाकथित जीएसटी ऑफिसर के पास गये जरूरतमन्दों को परेशान होना पड़ता है।

जीएसटी का जमाना ऑनलाइन का है, परन्तु कोई भी ऐसा व्यवसाई, उद्यमी, व्यापारी नहीं होगा जिसे जीएसटी विभाग के कार्यालय में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों की गणेश परिक्रमा न करनी पड़े। जिले के जीएसटी विभाग कार्यालय में जाते ही मुख्य दरवाजे के बाई तरफ बनी केबिन में जरूरतमन्दों का कार्य निपटाने में व्यस्त संविदा कर्मी को सुबह से लेकर शाम तक अपने अधिकारी सहायक आयुक्त सेक्टर-2 के निर्देशों का बखूबी पालन करते देखा जा सकता है। परेशानहाल व्यापारियों का कहना है कि यह कर्मचारी संविदा कर्मी तो है ही परन्तु विभाग के डीबीए जैसे अहम ओहदे पर कार्य करता है।

कंप्यूटर की पूरी जानकारी होने की वजह से यह असिस्टैन्ट कमिश्नर सेक्टर-2 का चहेता बना हुआ है। अपने अल्पकालीन (लगभग 5 वर्ष) कार्यकाल में इस मुलाजिम द्वारा जितना पैसा कमाया गया है उतना किसी अन्य महकमे में बीसों साल कार्य करने वाले उच्च ओहदेदारों ने भी नहीं कमाया होगा। इस जीएसटी संविदा कर्मी की धनकमाऊ नीति और व्यवसाइयों, उद्यमियों से चढ़ावा लेने की प्रवृत्ति से पूरे जिले में जीएसटी महकमे की चर्चा होती रहती है। बहरहाल कुछ भी हो इस समय जीएसटी कार्यालय में कार्यरत यह कर्मी कमाऊ नम्बर वन बना हुआ है। व्यवसाई व उद्यमी वर्ग में इसकी सर्वत्र चर्चा हो रही है। 



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