मुलाकात: पीएम मोदी से बात कर भावुक हुए पैरालंपिक खिलाड़ी, बोले- ऐसा सम्मान किसी ने नहीं दिया
| -Satyam Singh - Sep 12 2021 2:50AM

भारत ने टोक्यो पैरालिंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 19 मेडल जीते। इनमें 5 गोल्ड, 8 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। यह किसी भी पैरालिंपिक में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। टीम के वापस लौटने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस मुलाकात का वीडियो रविवार को जारी किया गया।

पैरालिंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाले नोएडा के DM सुहास एलवाई ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान कहा कि उन्हें स्कूल ने 3 बार दाखिला नहीं दिया था। ओलिंपिक में सिल्वर जीतने के बाद अब उन्हें PM के बाजू में बैठने का मौका मिला है।

मोदी ने कहा कि भारतीय पैरा एथलीट्स ने टोक्यो में बेहतरीन प्रदर्शन किया। आगे भी वे अच्छा प्रदर्शन करें इसके लिए हर संभव उपाय किए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि 130 करोड़ देशवासी अपने पैरा एथलीट्स के साथ हैं

PM इससे पहले टूर्नामेंट के दौरान भी ऐथलीटों के प्रदर्शन पर पैनी नजर बनाए हुए थे और उनकी लगातार हौसला अफजाई कर रहे थे। हर मेडल विनर को उन्होंने सोशल मीडिया पर बधाई दी और फोन कर बात भी की।

प्रधानमंत्री से मिलने वाले सभी खिलाड़ियों ने कहा कि यह उनके लिए गौरव का पल है। खिलाड़ियों ने कहा कि सब उन्हें पहले विकलांग बोलते थे। प्रधानमंत्री ने उन्हें दिव्यांग कहकर उनके सम्मान में इजाफा किया। पैरालिंपिक के दौरान दूसरे देशों के एथलीट हैरत में थे कि भारत के प्रधानमंत्री अपने एथलीटों से बात करते हैं और उनका हौसला बढ़ाते हैं।
सम्मान समारोह में वैसे एथलीट भी पहुंचे थे जो टोक्यो में मेडल नहीं जीत पाए। प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि यह बात दिल से निकाल दीजिए कि आप मेडल नहीं जीत पाए। आपने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और देश के लिए यह भी गौरव की बात है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय पैरा एथलीट्स ने टोक्यो में भारत का मान ऊंचा किया।

संवाद के दौरान एक खिलाड़ी ने पीएम मोदी से कहा- मेडल न जीत पाने का अफसोस है, लेकिन इस हार ने हमें और मजबूत बना दिया है। हम अगली बार फिर से जीतने के लिए जी जान लगा देंगे। जब तक मेडल मिलेगा नहीं, तबतक कोशिश करना नहीं छोड़ेंगे। प्रधानमंत्री ने खेल में हारने वाले खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि हमारी सबसे बड़ी ताकत हार कर जीतना होता है। इसलिए हार से कभी मनोबल को कम करने की जरूरत नहीं है।

दिव्यांग खिलाड़ियों पर बात करते हुए पीएम ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों को कोचिंग कराना ज्यादा मुश्किल है, क्योंकि उनकी शारीरिक क्षमता ही नहीं बल्कि वो मानसिक तौर पर भी आम खिलाड़ी से अलग हैं और उन्हें समझना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों के लिए वर्कशॉप आयोजित किया जाना चाहिए।

टोक्यो पैरालिंपिक से पहले 53 साल में 11 पैरालिंपिक्स में 12 मेडल आए थे। 1960 से पैरालिंपिक हो रहा है। भारत 1968 से पैरालिंपिक में भाग ले रहा है। वहीं 1976 और 1980 में भारत ने भाग नहीं लिया था।
 



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