डीएसओ आफिस के इस कर्मचारी को  बड़े बाबू नहीं बल्कि  डीएसओ से भी उच्च अधिकारी कहना ही ठीक रहेगा क्योंकि.......
| - Rainbow News Network - Nov 13 2021 5:31AM

खाद्य रसद का पूर्ति  महकमा , इस कार्यालय के  सभी पटल और उन पर बैठने वाले कर्मचारी, इन सबके ठाट ...क्या खूब !  सामंतवादी रुतबा और कमाई अकूत।

अम्बेडकरनगर । जिला मुख्यालय स्थित विभागीय दफ्तर  ( सप्लाई आफिस) में तैनात सहायकों का रुतबा किसी नवाब से कम नहीं।विभाग से सम्बन्धित कार्य करने के लिए सौदेबाजी करना इनकी पुरानी परम्परा है।गरीबों के निवाले पर माफिया का नियंत्रण जग जाहिर है।पूर्ति विभाग और माफिया गठजोड़ स्वयं मालामाल हो रहे हैं। इस समय पूर्ति कार्यालय में एक  सहायक की चांदी कट रही है। जिले के 1128 कोटेदारों की जन्म कुंडली का रख रखाव करने एवम मीडिया प्रबन्धन करने वाले इस वरिष्ठ सहायक का रुतबा  बढ़ा है, क्योंकि इसके काम में कथित बाधा उत्पन्न करने वाले एक चर्चित कनिष्ठ सहायक को मण्डल मुख्यालय पर ३दिन ड्यूटी देनी पड़ रही है।

अब कोटेदारों, पेट्रोलियम डीलर्स आदि सभी मालदार असामियों के कार्यों के लिए वरिष्ठ सहायक मनमाने तरीके से कमाई करने लगा है। सूत्रों के अनुसार इस बाबू ने षड्यंत्र रचकर जूनियर लिपिक को अयोध्या अटैच करवाया है, ताकि उसकी अपनी कमाई बढ़ जाए। बाबू, दलाल ,इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारी व कर्मचारी कोटेदारों व पेट्रोलियम डीलर्स के जरिए लाखों की कमाई कर रहे हैं। डी एस ओ आफिस में तैनात यह कर्मचारी बड़े बाबू के नाम से पुकारा जाता है। विभाग में इसकी धाक है। पूरे जिले के कोटेदार एवम कर्मचारी व  बिचौलिए इसकी उंगलियों के इशारों पर चलते हैं।

आरोप है कि यह मुलाजिम (बड़े बाबू) मालदार असामियो से ही बात करता है। साधारण लोगों को घास तक नहीं डालता है। डी एस ओ आफिस का यह बाबू स्वजातीय मीडिया पर्सन्स को मैनेज करके माला माल हो रहा है। लोकल होने का भरपूर लाभ उठाते हुए अपनी दबंगई का भी प्रयोग इसके द्वारा किया जाता है। इस बाबू का इतना रुतबा है कि सभी कोटेदार और डीलर इसी को हेड ऑफ डिपार्टमेंट मानते हैं। डी एस ओ , ए आर ओ और इंस्पेक्टर्स सभी इस बाबू के विभागीय ज्ञान के आगे नतमस्तक बताए जाते हैं। कार्यालय के अन्य कर्मचारी इस बाबू के रवैए से परेशान रहते हैं। नए और अनुभव हीन सहायकों का गुरु बना उन्हें अपना yes man बना रखा है।



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