चंद ख्याल जो कुछ यूं
| -RN. Feature Desk - Dec 29 2021 3:02AM

चंद ख्याल जो कुछ यूं
पानी की बूंदों की तरह
महसूस होते हैं
जो अक्सर नमी का
एहसास तो कराते हैं
मगर बारिश की तरह
भिगोते नहीं है...

कुछ ख्वाहिशें
दर ब दर होतीं हैं
वजूद तो रखतीं हैं
मगर जमीं नहीं होती है

कलम की सीरत कुछ आवारगी सी 
तो कुछ हरफनमौला सी है
जो अपनी ही जिद और
अपनी उम्मीद पर बसर करता है..

प्रियंका वरमा माहेश्वरी, गुजरात



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