मौसम का बिगड़ा मिजाज, ठण्ड बढ़ी, बचाव के लिए क्या कहते हैं डॉ. मनोज शुक्ला
| -RN. News Desk - Jan 6 2022 4:35AM

डॉ. मनोज शुक्ला

अम्बेडकरनगर। मौसम का मिजाज और बिगड़ गया है। बृहस्पतिवार को पूरे दिन धुंध और कोहरे का प्रकोप रहा। बूंदाबांदी भी हुई दिन भर सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए और दोपहर में सुबह-शाम जैसा अंधेरा छाया रहा। इससे भीषण गलन हुई और लोग घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। बाजार में सन्नाटे जैसा आलम हो गया बृहस्पतिवार को दिन भर कोहरे से तेज गलन हुई। हालांकि तापमान में वृद्धि हुई और न्यूनतम तापमान वर्तमान साल में पहली बार दहाई अंक में 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पर गलन से राहत नहीं मिली। 

तापमान में और वृद्धि तो होगी मगर गलन से राहत नहीं मिलेगी। ठंड का मौसम अस्थमा के मरीजों के लिए बहुत ही नाजुक होता है। इस मौसम में सर्दी, जुकाम और जोड़ों में दर्द के साथ-साथ सांस की परेशानी का बढ़ना आम होता है। इसके साथ ही कैंसर, जोड़ों के दर्द के रोगियों का दर्द भी बढ़ जाता है। त्वचा और एलर्जी संबंधी रोग भी होते हैं। सर्दियों में श्वास नलियां सिकुड़ने लगती है और कफ भी ज्यादा बनता है। इसके साथ ठंडे माहौल के कारण धुआं और वातावरण में घुले तत्व पूरी तरह आसमान में ऊपर नहीं जा पाते जो एलर्गन का काम करते हैं। इसलिए अस्थमा की समस्या सर्दियों में ज्यादा बढ़ जाती है। 

महात्मा ज्योतिबा फुले संयुक्त जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ मनोज शुक्ल ने बताया कि अक्सर सर्दियों के मौसम में अस्थमा, हृदय रोग, कैंसर से ग्रसित व्यक्तियों की ओर असावधान रहने पर समस्याएं बढ़ जाती है। अस्थमा के मरीजों और लम्बी आयु वालों यानि वृद्धों को बेहद सतर्क और सावधान रहना चाहिए बताया कि अस्थमा मरीजों के घर को धूल और धुएं से मुक्त रखना, पूरी तरह गर्म कपड़ों से खुद को ढंककर रखना, एयरकंडीशन और तेज पंखे के नीचे बिल्कुल नहीं बैठना, अपना इन्हेलर हमेशा पास रखना, शरीर को जितना गर्म रख सकते हों रखना चाहिए।



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