प्रतीक पाण्डेय कटेहरी विस क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी घोषित
| - Reeta Vishwakarma - Jan 10 2022 2:46AM

अम्बेडकरनगर। बसपा सुप्रीमो मायावती कटेहरी विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण के जरिए कभी अपने सबसे करीबी रहने वाले पूर्व मंत्री लालजी वर्मा को हराने की पुरजोर कोशिश में हैं। इसके लिए उन्होंने पूर्व विधायक कुमार पाण्डेय के  पुत्र प्रतीक पाण्डेय को सोमवार को बहुजन समाज पार्टी का कटेहरी विस क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित किया। पार्टी प्रमुख मायावती के निर्देश पर सोमवार को बसपा के पूर्वांचल क्षेत्रीय कार्यालय पर इसकी औपचारिक घोषणा पार्टी के जिलाध्यक्ष अरविन्द गौतम ने किया।

बहन जी के शासन में सिर्फ कानून का राज चलता है न बुलडोजर राज और न ही गुण्डा राज: प्रतीक 

कई दिनों से चल रही सियासी कयास को आज सोमवार को उस वक्त विराम लग गया जब बसपा की जिला इकाई के अध्यक्ष ने पूर्वांचल क्षेत्रीय कार्यालय पर एक प्रेस कांफ्रेन्स आयोजित कर प्रतीक पाण्डेय को कटेहरी विस क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी बनाये जाने की औपचारिक घोषणा की। इसी के साथ टाण्डा विधानसभा क्षेत्र से उन्होंने मनोज वर्मा को बसपा का प्रत्याशी घोषित किया। इस तरह कटेहरी और टाण्डा विधानसभा क्षेत्र के बसपा प्रत्याशियों को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया। बसपा द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी का कटेहरी विस क्षेत्र से प्रत्याशी बनाये जाने के उपरान्त भाव-विभोर होकर सुशिक्षित युवा नेता प्रतीक पाण्डेय ने पार्टी सुप्रीमों का धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही पार्टी के सभी वरिष्ठ जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रतीक पाण्डेय ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी जिस मिशन को लेकर चल रही है उसके फलीभूत होने हेतु मैं एक कार्यकर्ता के रूप मे अपने को समर्पित करता हूं। अन्य पार्टियाँ युवाओं का शोषण करती हैं, परन्तु बहन जी ने मुझे 277-कटेहरी विस क्षेत्र से टिकट देकर यह साबित कर दिया कि उनकी और पार्टी की मंशा युवाओं के उत्तरोत्तर विकास की है। मुद्दे वही पुराने हैं। बहन जी के शासन में सिर्फ कानून का राज चलता है न बुलडोजर राज और न ही गुण्डा राज। उन्होंने मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि मैं क्षेत्र के विकास के लिए हर सम्भव प्रयास करूंगा। 

पूर्व विधायक पवन कुमार पाण्डेय के सुपुत्र हैं प्रतीक

पवन कुमार पाण्डेय 1991 में शिवसेना से चुनाव लड़कर अकबरपुर सीट से विधायक बने थे। हालांकि बाद में शिवसेना छोड़ने के बाद पवन पांडेय ने कई विभिन्न पार्टियों से अकबरपुर के अलावा सुल्तानपुर से चुनाव लड़ा। इस बार पवन कुमार पाण्डेय ने अपने सुपुत्र के साथ बसपा में शामिल होकर उन्हें कटेहरी विस क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा है। बसपा के कद्दावर नेता व कटेहरी के विधायक रहे लालजी वर्मा को पिछले दिनों बसपा ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था। जिसके बाद यह सीट खाली थी। बसपा के कई लोग इस सीट पर अपना दावा कर रहे थे और चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन बसपा प्रमुख मायावती ऐसे प्रत्याशी को इस सीट पर लड़ाना चाहती थीं, जो लालजी वर्मा को कड़ी टक्कर दे सके। पिछले काफी दिनों से यह चर्चा थी कि बसपा किसी ब्राह्मण चेहरे को यहां से चुनाव लड़ाएगी।

दोआबा (मड़हा-विसुही) कहा जाने वाले कटेहरी विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण वोटों की अच्छी खासी संख्या है। इस सीट पर करीब 40 हजार के आसपास ब्राह्मण वोट है। पवन कुमार पाण्डेय की ब्राह्मण वोटों में अच्छी पैठ मानी जाती है। वहीं इस सीट पर 70 हजार के करीब दलित वोट है। यही वजह है कि जातीय समीकरण के जरिए बसपा प्रमुख मायावती दलित-ब्राह्मण गठबंधन कर इस सीट को अपने कब्जे में करना चाहती हैं। प्रतीक पाण्डेय को चुनाव मैदान में उतरने के बाद एक तरफ बसपा अपने इस परम्परागत सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखेगी तो वहीं दूसरी तरफ कुर्मी नेता पूर्व मंत्री लालजी वर्मा को सबक सिखाएगी। इस तरह यह बसपा का एक तीर से दो निशाना कहा जा रहा है।

-रीता विश्वकर्मा, 8423242878



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