चुनावी सरगर्मी : सपा प्रत्याशी राम अचल राजभर के लिए बहुतै कठिन है डगर पनघट की
| -RN. News Desk - Jan 17 2022 4:03AM

अम्बेडकरनगर। जिले की अकबरपुर विधानसभा बसपा के लिए हमेशा मुफीद साबित रही है। इसलिए अकबरपुर का बीएसपी का अभेद किला इस बार ढहाना आसान नहीं होगा। दलित और जातीय समीकरण को साधते हुए इस सीट से पर सवार होकर रामअचल राजभर पांच बार विधानसभा पंहुचे है, लेकिन इस बार पूर्व मंत्री रामअचल को हाथी ने उतार दिया। जिसके बाद वह साइकिल पर सवार हो गए।

अब इस सीट पर बीएसपी ने 2 बार अकबरपुर नगरपालिका के चेयरमैन रहे चन्द्रप्रकाश वर्मा को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में अब इस सीट पर जीत के लिए हाथी पर सवार चन्द्रप्रकाश वर्मा जहां समीकरण के हिसाब आश्वस्त हैं, वहीं दूसरी तरफ नए घर में गए राम अचल नए सिरे से एक्सरसाइज करते दिखेंगे।

पूर्व मंत्री रामअचल राजभर सियासत के पुराने खिलाड़ी

पूर्व मंत्री रामअचल राजभर राजनीतिक सियासत के पुराने खिलाड़ी माने जाते हैं। रामअचल की अकबरपुर विधानसभा में जीत का सिलसिला शुरू हुआ तो रुका नहीं। 5 बार उन्होंने अकबरपुर सीट से बीएसपी पार्टी से जीत दर्ज की और बसपा सुप्रीमो के सबसे करीबी कैबिनेट मंत्रियों में अपना नाम दर्ज कराया, लेकिन बसपा ने बगावत के चलते रामअचल को पार्टी से निकाल दिया गया। इसके बाद उन्होंने सपा का दामन थाम लिया। अब इस बार वह समाजवादी पार्टी से लड़ने की तैयारी में हैं। जबकि इनके मुकाबले दो बार के अकबरपुर पालिका के चेयरमैन चन्द्रप्रकाश वर्मा चुनौती देंगे।

अकबरपुर में कभी नहीं खिला कमल

अकबरपुर विधानसभा में कमल कभी नहीं खिल सका। इस सीट हर बार बीजेपी प्रत्याशी को मात ही खानी पड़ी। 2017 के चुनाव में पूर्व चेयरमैन चंद्रप्रकाश वर्मा चुनाव लड़े, लेकिन वह हार गए। बीजेपी जिला उपाध्यक्ष विमलेंद्र प्रताप सिंह मोनू बताते हैं कि इस बार अकबरपुर से कमल खिलेगा और उनकी पार्टी का उम्मीदवार ही विधायक बनेगा।



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