कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बावजूद लोग बने लापरवाह, टूटते नियम ला सकते हैं तबाही
| -RN. News Desk - Jan 17 2022 4:17AM

अम्बेडकरनगर। बाजारों में उमड़ती भारी भीड़ तथा हर कहीं कोरोना प्रोटोकॉल के टूटते नियमों को देखते हुए कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बावजूद भी लोगों के लापरवाह होने का प्रमुख कारण प्रशासन तंत्र की ढिलाई है। प्रथम लहर के बाद भी लोगों ने ऐसे ही लापरवाही बरती थी, जिसके परिणामस्वरूप दूसरी लहर ज्यादा घातक साबित हुई। अब दूसरी लहर पर लगभग काबू पाने के बाद शिक्षण संस्थानों को छोड़ शेष सभी क्षेत्रों को लगभग अनलॉक कर दिया गया है। इसका गलत फायदा उठाते हुए लोगों ने एक बार फिर से लापरवाही बरतनी चालू कर दी है। न तो सोशल डिस्टेंसिंग की पालन हो रही है और न ही मास्क का उपयोग हो रहा है।

लोग यह सोच रहे हैं कि वैक्सीन लगाने के बाद उन्हें कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है। यही वजह है कि कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते हुए बाजारों, धार्मिक स्थलों और स्टेशनों पर भारी भीड़ इकट्ठा हो रही है। फिर भी प्रशासन ने सख्ती कर रखी हैं। प्रशासनिक तंत्र को कोरोना गाइडलाइन की पालन करवाने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे, वरना देश में तीसरी लहर की भयावह स्थिति जल्द ही देखने को मिलेगी। टीका लगवा लेने के बाद लोग अतिविश्वासी हो गए हैं कि अब वे कोरोना संक्रमण की चपेट में कभी नहीं आ सकते हैं।

लॉकडाउन की अवधि समाप्त होते ही सभी पर्यटन स्थल खुल गए। लोगों ने भी मास्क पहनने और दो गज की दूरी बनाये रखने के जरूरी नियम को ताक पर रखकर बेखौफ पर्यटन- स्थलों पर जाना शुरू कर दिया। कोरोना महामारी की दूसरी लहर की भीषण त्रासदी झेल लेने के बाद प्रशासन को भी तीसरी लहर से बचाव के लिए सतर्क रहना आवश्यक है। भीड़ वाली जगहों जैसे - माल , सिनेमाघर और पर्यटन स्थलों को अभी सतर्कता बरतनी चाहिए। सावधानी और सतर्कता बरतना अब भी जरूरी है, क्योंकि खतरा अभी टला नहीं है।

यह समय तीसरी लहर की बड़ी तबाही आने से पहले की शांति है। बचाव के नियमों का पालन करना अब भी उतना ही जरूरी है, जितना दो महीने पहले था। लोग लापरवाही न बरतें। दूसरी लहर का संक्रमण कम नहीं हुआ है। दूसरी लहर का कहर असहनीय था। लोगों को अहसास होना चाहिए कि बहुत से लोगों ने अपनों को खोया है, बहुत से बच्चे अनाथ हो गए हंै। प्रशासन कोरोना गाइडलाइन का पालन करवाए। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने एक-दूसरे से दूरी बनाने सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

टीका आने के बावजूद भी चेहरे पर मास्क पहनने और आपस में उचित दूरी बनाए रखने की सलाह कोरोना गाइडलाइन में सबसे ऊपर है। मुश्किल यह है कि अनलॉक के बाद लोग फिर लापरवाह हो गए है, यह चिंता की बात है। हम कोरोना प्रोटोकॉल को नहीं मानेंगे, तो महामारी से लड़ाई कमजोर पड़ सकती है। इस महामारी के खात्मे के लिए हमारा जागरूक होना बहुत जरूरी है।हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने तो इसका स्वतः संज्ञान लेते हुए इन हालात पर गहरी चिंता जताते हुए कहा भी है कि अगर ऐसे ही सब चलता रहा तो कोरोना की तीसरी लहर को बढ़ावा मिलेगा और फिर भगवान ही हमें बचा पाएगा।



Browse By Tags



Other News