नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को आंदोलनकारी किसानों की मांगों को मानते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया। पीएम मोदी के अचानक इस फैसले को आगामी चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा हैए वहीं विपक्ष ने केंद्र सरकार पर मनमानी का आरोप लगाते हुए बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि कैबिनेट की मंजूरी के बिना ही इस सरकार में फैसले ले लिए जाते हैं।
शुक्रवार को ट्विटर के जरिए पीएम मोदी पर तंज कसने के बाद कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने शनिवार फिर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी ने कैबिनेट की बैठक में इस पर चर्चा किए बिना ही इतनी बड़ी घोषणा कर दी। पी चिदंबरम ने कहा श्क्या आपने देखा कि पीएम मोदी ने कैबिनेट की बैठक किए बिना घोषणा की यह केवल भाजपा के तहत है कि कानून कैबिनेट की पूर्व मंजूरी के बिना बनाए और निरस्त जाते हैं इससे पहले कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी के भाषण के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाहए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर उनके ट्वीट को लेकर भी हमला किया था।
आज भी अपने ट्वीट में उन्होंने तंज कसते हुए लिखाए श्गृह मंत्री ने श्उल्लेखनीय राज्य कौशल दिखाने के लिए पीएम की घोषणा की सराहना की भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पीएम को श्किसानों का बेहद ख्याल है मंत्री ने कहा कि पीएम ने श्किसानों के कल्याणश् को देखते हुए फैसला लिया है। एक अन्य ट्वीय में चिदंबरम ने आगे कहाए श्पिछले 15 महीनों में कहां थे ये योग्य नेता और उनकी बुद्धिमानी भरी सलाह क्या आपने ध्यान दिया कि पीएम ने कैबिनेट की बैठक किए बिना घोषणा की यह केवल भाजपा के अधीन है कि कैबिनेट की पूर्व स्वीकृति के बिना कानून बनाए जाएं या न बनाए जाएं।
