गोपाष्टमी पर पूजी गयीं गौ माता

गोपाष्टमी पर पूजी गयीं गौ माता


जौनपुर।
गोपाष्टमी का पर्व नगर के ढालगर टोला में स्थित पिंजरा पोल पशु अनाथालय ;जौनपुर गोशालाद्ध में धूमधाम से मनाया गया। गौशाल प्रबंधन समिति द्वारा पंचदेव पूजनए हवनए सामूहिक गौ पूजन किया गया जहां तमाम लोग शामिल हुये। पूजन के बाद प्रसाद वितरण हुआ। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले गौमाता का विधि.विधान से पूजन किया। गोशाला की गायों को गुड़ए फल आदि गौग्रास खिलाया। 

गायों को वस्त्र ओढ़ाते हुये उपस्थित लोगों ने धूप.दीप दिखाकर गौवंदन करते हुये गाय के चरण छूकर आशीर्वाद लिया। गोपाष्टमी समारोह में संत प्रसाद रायए दिनेश प्रकाश कपूरए श्याम मोहन अग्रवालए रामचंद्र यादवए सुरेंद्र सिंघानियाए सहायक श्रम आयुक्त कुलदीप सिंहए डाण् रामेश्वर त्रिपाठीए बाबा महेंद्र दास त्यागीए प्रधानाचार्य सुभाष चन्द्र सिंहए नितिन अग्रवालए संजय सेठए चंद्रसेन सिंहए डाण् ब्रह्मदेव पांडेयए दिनेश वर्माए आईपी सिंहए विजय यादवए कृष्ण कुमार जायसवालए सरोज चौरसियाए उमापति केडिया सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। गौरतलब है कि हिन्दू धर्म में गाय को पूजनीय माना जाता है। 

कहते हैं कि गाय की पूजा करने से 33 करोड़ देवी.देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है। गाय माता की पूजा के लिए गोपाष्टमी पर्व विशेष माना गया है। मान्यता है कि गोपाष्टमी के दिन गौ माता की पूजा से घर में सुख.समृद्धि और खुशहाली आती है। भगवान कृष्ण कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को गाय को चराने के लिए पहली बार घर से निकले थे तभी से इस तिथि को गोपाष्टमी के रूप में मनाया जाने लगा। 

ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाकर इंद्रदेव के प्रकोप से गोप.गोपियों की रक्षा की थीए इसलिए इस अवसर पर गौमाताए भगवान श्रीकृष्ण के साथ गोवर्धन पर्वत की झांकी सजाई कर उसकी भी पूजा की जाती है।

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