अम्बेडकरनगर। महिला सुरक्षा के नाम पर उत्तर प्रदेश सरकार भले ही लाख दावे करे लेकिन थाना जहांगीरगंज में तैनात महिला सिपाही ही न्याय के लिए महीनों से परेशान है तो आम महिलाओं की कितनी सुरक्षा व सुनवाई पुलिस करती होगी यह सोचनीय बात है। पति के जुल्म से प्रताड़ित महिला सिपाही की थाना जहाँगीरगंज में मुकदमा दर्ज नही किया गया। थक हारकर महिला सिपाही ने न्यायालय की शरण ली न्यायालय के आदेश पर थाना जहाँगीरगंज में मुकदमा अपराध संख्या 253/21 धारा 376,313,452,392,323,504,506,498A3/4 में दर्ज कर मामले की इतिश्री कर दी गयी और दर्ज मुकदमे में कोई कार्यवाही महीनों से नही हो रही है।
बता दे कि जहाँगीरगंज थाने में तैनात महिला आरक्षी रंजू प्रजापति को धोखे में रखकर थाना जहाँगीरगंज अंतर्गत गनपतपुर निवासी सत्यप्रकाश विश्वकर्मा जो पीएसी में सिपाही है ने 24 मई 2021 को हिन्दू रीतिरिवाज से थाना भीटी के काली मंदिर में पुलिसकर्मियों व गणमान्य लोगों की उपस्थिति में शादी किया। शादी के बाद अपनी नई नवेली दुल्हन को लेकर अपने घर गनपतपुर आया फिर सत्यप्रकाश व उसके परिजनों का प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया महिला सिपाही ने बताया कि खुद सत्यप्रकाश उसके पिता रामजीत सास प्रेमा देवी ससुर का भाई बिरजू व ननद प्रिया ने शादी में दस लाख रुपए व एक स्विफट डिजायर कार की माँग करने लगे जब पीड़िता ने इतना दहेज देने में असमर्थता जताई तो उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया
और उसके गहने छीन लिए गए पीड़ित महिला कांस्टेबल ने जब इसकी शिकायत थाना जहाँगीरगंज में कई तो कोई सुनवाई नहीं हुई और महिला सिपाही को न्याय के लिए न्यायालय की शरण मे जाना पड़ा आखिर महिला प्रकरण में ही जाँच रूपी शिगूफा क्यों थाने पर दर्ज मुकदमे में कई गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है जिसमें तत्काल प्रभाव से ही गिरफ्तारी की जानी चाहिए परन्तु जाँच के नाम पर महिला सुरक्षा के सरकारी दावों की पुलिस धज्जियां उड़ा रही हैं।
विपक्षी अपनी पहुँच और पैसे के दमपर महिला सिपाही को जान से मार डालने की धमकी दे रहा है और शादी से इनकार कर रहा है। महिला सिपाही जिस किराए के कमरे मे रहती है वहाँ उसे बराबर सत्यप्रकाश के भेजे गुंडे धमकियां दे रहे हैं जिससे महिला सिपाही की सुरक्षा और जान का खतरा बना हुआ है। योगी सरकार का महिलाओं की सुरक्षा का दावा महिला पुलिस के प्रकरण में ही औंधे मुंह जाँच का शिगूफा छोड़कर पीड़िता को थाने की गणेश परिक्रमा करने के लिए छोड़ दिया है जबकि दर्जन भर गम्भीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत है।