कोटेदारों के रवैये से परेशान भीटी क्षेत्र के राशन कार्ड धारक

कोटेदारों के रवैये से परेशान भीटी क्षेत्र के राशन कार्ड धारक


पूर्ति महकमे के अधिकारी जेबे भरने सैर-सपाटों में व्यस्त

डीएसओ, एआरओ और पूर्ति निरीक्षक के तबादले की उठी मांग

अम्बेडकरनगर। जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों के कोटेदार मनमाना कर रहे है, विरोध करने वाले कार्ड धारको के साथ बदसलूकी कर रहे है। घटतौली व कटतौली करना इनका शगल है। मीडिया/सोशल मीडिया सक्रिय होकर आडियो व वीडियो प्रसारित कर रहा है। लेकिन अफसोस है कि जिले के पूर्ति महकमे के उच्चाधिकारी मीडिया को ओवरलुक कर रहे है। खबरों की तरफ ध्या नही नही देते हैं। परिणाम यह हो रहा है कि भ्रष्ट कोटेदार बढ़े उत्साह के साथ कार्ड्र धारकों के साथ मनमानी कर रहे है। मूछों पर ताव देकर भ्रष्ट कोटेदार जनता जनार्दन के अधिकारो का गेला घोंट रहे है। तात्पर्य यह कि सब कुुछ यथावत चल रहा है। चोर चोरी कर रहा है, पीड़ित आंसू बहा रहा है, पुलिस डण्डा फटका रहा है। नतीजा जीरो आ रहा है। चिल्लपो जारी है। अधिकारियो सरोकारियो के कान पर जंू तक नही रेंग रही है। 

क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि पूर्ति निरीक्षक, एआरओ और डीएसओ जैसे अधिकारी अपनी जेबे भरने में लगे हुए हैं। गरीबो का निवाला खाद्यान्न की लूट मची है। भूख से गरीबों के पीठ और पेट पिचककर एक हो रहे हैं। पूर्ति कर्मचारी अधिकारी की तोंद का आयतन बढ़ रहा है। वातानुकूलित लक्जरी गाड़ियों में बैठकर चलने वाले पूर्ति अधिकारीगण देश के दूर दराज रमणीक पर्यटन स्थलों पर लाखों की हवाई यात्रा करके सपरिवार पहुंच रहे है। भौतिक जीवन का आनन्द उठा रहे है। दूसरी तरफ गरीब लाभार्थी राशन कार्ड धारक कोटे की दुकानो से एक एक अन्न पाने को तरस रहे है। जबरा मारै, रोवै ना देय इसी तरह कमोवेश कार्ड धारको के हालात है क्योंकि कार्ड धारको पात्र लाभार्थियों को पूर्ति विभाग के कर्मचारी व कोटदार दुतकार कर भगा दे रहे हैं।

इस समय भीटी तहसील क्षेत्र में सोशल मीडिया सक्रिय होकर ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियो की समस्याओं से अवगत होकर उसका सार्वजनिक प्रसारण कर रहा है। सोशल मीडिया की इस सक्रियता से अनेको गांवों में सर्वे करने पर ज्ञात हुआ कि गरीब लाभार्थी व पात्र लोग कोटे की दुकानों से कम राशन पा रहे हैं। अम्बेडकरनगर जिले की सोशल मीडिया के सर्वे में तहसील भीटी क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया है कि कई दबंग कोटेदारों की दुकानो पर घटतौली/कटतौली की जा रही है। विरोध करने पर कोटेदार कहते हैं कि चुपचाप जो दिया जा रहा है ले लो ज्यादा चूं चपड़ करोगे तो इससे हाथ धो बैठोगे। भीटी ग्रामीण क्षेत्रो के लाभार्थी राशन कार्ड धारकों ने सोशल मीडिया में बयान दिया है कि कोटेदार प्रति यूनिट एक किलो राशन काट लेते है और कार्ड पर पूरा राशन अंकित कर देते हैं। 

सोशल मीडिया के सर्वे में तहसील भीटी ब्लाक कटेहरी क्षेत्र के गांव चांदपुर महमूदपुर के कोटेदार की हालत दबंगो से भी बढ़कर है। यह राशन तो कम देता ही है और विरोध करने पर डांट कर भगा भी देता है। दबंग व धूर्त कोटेदार अपनी मनमानी से बाज नही आता है और बदसलूकी से बात करते हुये गरीब ग्रामीणों को डराता व धमकाता रहता है । जिससे ग्रामीण काफी ज्यादा परेशान है और आक्रोशित भी है। लेकिन कार्ड धारक करे भी तो क्या करे। आखिर में ग्रामीण राशन कार्ड धारक कब तक परेशान रहेंगे और अपने अधिकारों का कब तक हनन होते देखते रहेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि अगर हम विरोध करते भी है तो दबंग कोटेदार हमारी जान पर आ जाता है। 

ग्रामीणों ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को एप्लीकेशन भी दिया गया और उनके समक्ष भी इन समस्यायों को कहा गया लेकिन संबंधित अधिकारियों की कान पर जूं तक नही रेंग रहा है। यहां तक ही नही गरीब राशन कार्ड धारकों द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर और तहसील दिवस पर भी प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है लेकिन जो अधिकारी जांच के लिए आता है वे कोटेदार से पैसे लेकर अपनी जेब गर्म करने में लग जाते है और पैसे लेकर चले जाते है। ग्रामीणों से कोई पूछताछ नही की जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि यह कोटेदार पूर्ति निरीक्षक भीटी का स्वजातीय होने के  साथ साथ तहसील स्थित पूर्ति कार्यालय में कार्यरत एक सहायक का स्वजातीय है। इसलिए अपनी मनमानी करता है। 

ग्रामीणों का आरोप है कि चांदपुर महमूदपुर गांव के कोटेदार के विरूद्ध अभी तक कोई कार्यवाही नही की गई और ना जांच की गई। जबकि इस चर्चित कोटेदार के कारनामों की जानकारी पूर्ति विभाग के अधिकारियों (पूर्ति निरीक्षक भीटी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी एवं जिला पूर्ति अधिकारी) को हैं। इन सबसे परेशान ग्राम पंचायत चांदपुर महमूदपुर के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से कोटेदार के इस रवैये की जांच कराकर उचित एवं आवश्यक कार्य कराये जाने की मांग किया है।

भीटी तहसील परिसर स्थित पूर्ति निरीक्षक कार्यालय मे भ्रष्टाचार का बोलबाला व्याप्त है। बताया गया है कि तहसील क्षेत्र के तमाम गांवो में राशन कार्ड धारकों में इस बात को लेकर असन्तोष व्याप्त है कि कार्ड संशोधन कराने में प्रति यूनिट 2 हजार रुपये विभागीय कर्मचारियों द्वारा सुविधा शुल्क लिया जाता है। मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रो के लोगो का नाम काटकर वंचित कर दिया जाता है और फिर उसे दोबारा जोड़ने के लिए 2 हजार रुपये प्रति यूनिट लिया जाता है। पूर्ति निरीक्षक कार्यालय भीटी में इस तरह का भ्रष्टाचार अपनी चरम पर हैै। आरोप है कि बगैर पैसा दिये यहां कोई भी सुनवाई व कार्यवाई नही होती है। 

सूत्रो के अनुसार इस तरह के भ्रष्टाचार का खेल एक धाकड़, दबंग व सवर्ण जाति के एक बाबू के कहने पर खेला जा रहा है। यह सहायक विभाग के अधिकारियो का चहेता और सत्तापक्षीय व माननीयो का खासमखास बताया जाता है। इस बाबू ने तहसील स्थित पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में कार्यरत मुलाजिमों के दो गुट बना दिया है। 

इस तरह वह दोनो गुटो से भिन्न भिन्न तरह की बाते करके उनसे लाभ कमाता है। इस बाबू के सह पर दोनो गुटो द्वारा सभी कार्यदिवसो पर राशन कार्ड धारको के सदस्यों का नाम काटा और जोड़ा जाता है।ं इस तरह का भ्रष्टाचार इस कार्यालय में चरम पर है। जो  लोग पूर्ति कर्मचारियो के मांगने पर पैसा नही दे पाते हैं वह लोग अनाथों की तरह इधर उधर घूमते रहते हैं। 

अनेक गांव के वाशिन्दो के अनुसार पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की वजह से कार्ड धारको की परेशानियां इतनी बढ़ गई है कि राशन मिल पाना मुश्किल हैै। परेशान पा़त्र व्यक्ति कोटेदार व पूर्ति निरीक्षक कार्यालय का दौड़ लगाता ही रहता है। दौड़ते दौड़ते थक जाता है। बगैर सुविधा शुल्क के उसका नाम नही जोड़ा जाता है। पूर्ति निरीक्षक कार्यालय भीटी मे दो संविदा पर दो कम्प्यूटर ऑपरेटर रखे गये है। इन पर भी सुस्त व लापरवाही से कार्य करने का आरोप लगाया जाता है। यहां तैनात पूर्ति निरीक्षक महिला है और निकटवर्ती सुल्तानपुर के सीमावर्ती के एक गांव की निवासी है। यह अपने कार्यालय में कभी कभार ही आती है। इनसे मिलना दुर्लभ है। इन सबके अलावा पूर्ति निरीक्षक कार्यालय के धाकड़, दबंग व सवर्ण मुलाजिम सारा कार्य देखता है। कोटेदारो, कार्ड धारको एवं अन्य विभागीय कर्मचारियो को अपनी धौंश में रखता है। 

भीटी क्षेत्र के महमदपुर गांव निवास/प्रधान ने आरोप लगाया है कि पूर्ति निरीक्षक कार्यालय भीटी में भ्रष्टाचार के कारण किसी की सुनवाई नही होती है। इसी तरह ग्राम पंचायत चन्दापुर के  कई लोगों ने बताया कि उनके परिवार के कई सदस्यों के राशन कार्ड से नाम काटकर राशन पानी से वंचित कर दिया गया है। अब उन लोगो का नाम जोड़वाने के लिए 2 हजार रुपये प्रति यूनिट देना पड़ेगा। इन सबसे परेशान होकर गांववासी व क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि यदि इस समस्याओं पर कार्यवाही नही की गई तो धरना देने को मजबूर होंगे। 

क्षेत्र के तमाम समाजसेवियों एवं जागरूक लोगों ने गरीब राशन कार्ड धारकों की दिक्कतों से क्षुब्ध होकर कहा है कि जिले का जिला पूर्ति अधिकारी, इस क्षेत्र का सहायक खाद्य अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक व तहसील भीटी स्थित पूर्ति निरीक्षक कार्यालय का सवर्ण जाति का तिकड़मी बाबू जो पूर्ति निरीक्षक का स्वजातीय है मिलीभगत कर अपने तरीके से लूट मचाये हुए हैं। इस पर नियंत्रण लगाये जाने की अवश्यकता है। इन सभी ने जिलाधिकारी एवं पूर्ति विभाग के मण्डलीय व प्रदेश स्तरीय अधिकारियों से उम्मीद जताई है कि वह लोग भीटी क्षेत्र के गरीब कार्ड धारकों की समस्या और विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा की जा रही उपेक्षा से सम्बन्धित इस खबर को गम्भीरता से लेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। लोगों ने बगुला भगत बना डीएसओ और स्वजातीय/प्रभावशाली लोगों एवं बाहुबलियों को अपना रिश्तेदार बताने वाले एआरओ को जिले से यथाशीघ्र हटाने की भी मांग की है। 

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