पुलिस संरक्षण में संचालित इन जुआ अड्डों पर प्रभावशाली लोगों का बरदहस्त
अम्बेडकरनगर। जिला मुख्यालयी शहर अकबरपुर/शहजादपुर में काफी दिनों से चलने वाले जुआ अड्डों पर अभी तक पुलिस ने निगाह डालना उचित नहीं समझा। इस सम्बन्ध में सूत्रों के हवाले से मिली पूरी जानकारी मीडिया द्वारा गुप्त रूप से पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई करने हेतु प्रेषित भी की गई थी। परन्तु परिणाम शून्य ही रहा। लोगों को आश्चर्य इस बात का है कि अकबरपुर/शहजादपुर में संचालित जुआ अड्डों पर पुलिस इतना मेहरबान क्यों है?
बताया गया है कि जिस मकान व स्थान पर जुआ अड्डों को चलाया जा रहा है उसके गृह स्वामी कई सालों से बाह्य प्रदेशों में रहकर व्यवसाय कर रहे हैं। इन्हीं सूत्रों के अनुसार पुलिस के संरक्षण में यह कार्य लम्बे अर्से से चल रहा है। शहजादपुर पुलिस चौकी, कोतवाली अकबरपुर के अलावा एस.ओ.जी. टीमों के संज्ञान में चलने वाले इस जुआ अड्डा के संचालक के सहयोगियों में कई पैसे वाले पुराने, प्रभावशाली जुआरी शामिल बताये गये हैं। यदि इस स्थान पर रात्रि 11 बजे उपरान्त आकस्मिक छापामारी किया जाये तो दर्जनों जुआरी और फड़ पर लाखों रूपए बरामद किए जा सकते हैं।
बताया गया है कि शहजादपुर में संचालित जुआ अड्डों के बाहर व आस-पास जिले एवं बाह्य जनपदों की नम्बर प्लेट वाली लग्जरी गाड़ियाँ खड़ी रहती हैं। जिन्हें रात के 9 बजे के बाद सुबह होने तक देखा जा सकता है। बताया जाता है कि इन गाड़ियों में बैठकर जिले एवं बाह्य जनपदों से जुआरी लाखों रूपए नकद लेकर आते हैं।
शहजादपुर का पुराना जुआ अड्डा अब नये जगह स्थानांतरित
थाना कोतवाली अकबरपुर अन्तर्गत शहजादपुर कस्बे के पुरानी पानी टंकी के निकट वर्षों से चलने वाला पुराना जुआ अड्डा अब अन्यत्र स्थानांतरित हो गया है। जानकार जुआरी अब नये अड्डे पर पहुँचकर लाखों का वारा-न्यारा करने लगे हैं। शहजादपुर में नये स्थान पर संचालित होने वाला जुआ अड्डा एक नगर सभासद व प्र्रापर्टी डीलर का बताया गया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इस नये जुआ अड्डा के बावत संचालक मण्डल के सदस्यों ने पुलिस एवं प्रभावशाली लोगों से मंत्रणा भी कर लिया है।
शहजादपुर के दक्षिणी इलाके (शहजादपुर-दोस्तपुर सड़क मार्ग) के पूरब गौहन्ना पुलिया के पहले नई आबाद हो रही कॉलोनी के एक मकान में कतिपय दबंगो, प्रभावशाली व मीडिया लबादा ओढ़े लोगों द्वारा वातानुकूलित कक्षों में जुआ अड्डा संचालन इस वर्ष के शुरूआती दिनों से हो रहा है। यहाँ के स्थानीय व बाहरी लोग इस नये अड्डे के संचालित होने से त्राहि-त्राहि करने लगे हैं और क्षेत्रीय लोग अपनी छातियां पीट रहे हैं। इनका कहना है कि इनके घर-परिवारों के नौजवान एवं अन्य सदस्य जुए की लत में बर्बाद हो गये और खेत-बारी व अन्य प्रापर्टी बेंचकर भिखमंगों की कतार में खड़े हो गये हैं।
साथ ही इन लोगों ने शराब का सेवन करके अकारण घर में झगड़ा-झंझट व मारपीट करना शुरू कर दिया है। इस एसी अवैध जुआ अड्डे की जानकारी शहजादपुर पुलिस चौकी को पूर्व से ही है, बावजूद इसके प्रभारी चौकी और थाना कोतवाली अकबरपुर की निगाह इधर नहीं जा रही है। उल्टे यह धन्धा पुलिस के संरक्षण में और भी पुष्पित व पल्लिवित हो रहा है। सोशल मीडिया में वायरल हो रही खबरों में कहा गया था कि इस अड्डे की तरफ पुलिस आंख उठाकर नहीं देखेगी क्योंकि इसके संचालकों की पहुंच ऊपर तक है, साथ ही संचालकों का याराना मीडिया के उच्च स्तरीय दन्द फन्दी लोगों से है।
इसके अलावा बताया गया है कि शहजादपुर के शाहजहाँपुर मोहल्ले के तमसा नदी के किनारे क्षेत्र में एक जुआ अड्डा ऐसे व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा है जो एक सभासद है और सभी प्रकार के छोटे-बड़े जरायम पेशे में हस्तक्षेप रखता है, पुलिस का मुखबिर है। इस संचालक के बारे में बताया जाता है कि नगर पालिका वार्ड मेम्बर का चुनाव लड़ चुका है, और शिकस्त खाया है।
अब अपने दन्द फन्द से शहर के एक वार्ड का उचित दर विक्रेता (कोटे की दुकान) का आवण्टन करा लिया है, जिसमें विभागीय मिलीभगत से काफी हेरा-फेरी करके चर्चा में बना रहता है। सप्लाई महकमे के उच्चाधिकारियों का इस पर बरदहस्त होने की वजह से यह अपने कारनामा जारी रखे हुए है। एक तरह से यदि यह कहा जाये कि शहजादपुर (थाना कोतवाली अकबरपुर) अवैध जुआ अड्डों के संचालन का केन्द्र है तो कतई गलत नहीं होगा। स्थानीय पुलिस और इस तरह के सामाजिक जरायम से जुड़े हुए लोगों का गठजोड़ सर्वविदित है।