आखिर किन कारणों से आउटसोर्सिंग कर्मचारी शरद श्रीवास्तव पर लगा रहे आरोप
अम्बेडकरनगर। जिले के स्वास्थ्य महकमे के उच्चाधिकारी सी.एम.ओ. कार्यालय के बहुचर्चित बाबू शरद श्रीवास्तव पर आउटसोर्सिंग कर्मचारियों द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं। फोन से संपर्क स्थापित करने पर बीते दिनों आउट सोर्सिंग में रखे गये कर्मचारियों द्वारा लगाये गये आरोप से बौखलाये सम्बन्धित बाबू ने उक्त प्रकरण को अपने से जुड़ा न बताकर दूसरे बहुचर्चित सहायक से जुड़ा बताया। धरनारत आउट सोर्सिंग संविदा कर्मियों के आरोप है करोड़ो रुपए का गड़बड़झाला सीएमओ आफिस में तैनात शरद बाबू ने किया है। वार्ता के दौरान बताया गया कि वह अम्बेडकरनगर से स्थानान्तरित हो चुका है।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के अनुसार धरनारत संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने उक्त सहायक पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी नियुक्ति के लिए 2 से ढाई लाख लिया गया था 11 महीने बाद उन्हें नौकरी से यह कह कर हटा दिया गया कि नवीनीकरण के लिए डेढ़ लाख रूपए लाओ तब आप नियमित होंगे। इस तरह का आरोप प्रदर्शनकारियों ने बहुचर्चित बाबू शरद श्रीवास्तव का नाम लेते हुए लगाया है।बता दें कि जुलाई महीने में शरद श्रीवास्तव का स्थानान्तरण बलरामपुर जिले के लिए हो गया था, फिर भी वह सी.एम.ओ. कार्यालय अम्बेडकरनगर के बहुचर्चित सत्ता और मीडिया पहुँच वाले बाबू के साथ इसी जिले में रहकर लूट-खसोट में उसके सहभागी बने हुए हैं।
कुछ महिला कर्मचारियों का कहना है कि हमने अपने जेवरात बेचकर उक्त बाबू को यह धनराशि मुहैया करवाई थी। आखिर किन कारणों से दूसरे जनपद में स्थानांतरित बाबू उस स्थान पर कार्य न कर अंबेडकर नगर में कार्य कर रहा है यह भी अपने आप में एक यक्ष प्रश्न है कहीं न कहीं इसमें उच्च अधिकारियों का वरदहस्त उक्त कर्मचारी को प्राप्त है इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की जाए तो कर्मचारी समेत अधिकारी भी चपेट में आएंगे।