बाप सपा प्रत्याशी और बेटा बसपा सांसद
अम्बेडकरनगर। यूपी में विधानसभा चुनाव 2022 नजदीक है। जल्द ही चुनाव की घोषणा हो सकती है, लेकिन अंबेडकरनगर में कुछ अलग ही खिचड़ी पक रही है। यहां सांसद बेटा हाथी के लिए वोट मांगते नजर आएगा तो पिता साइकिल की रफ्तार बढ़ाने में लगेगा। जी हां जिले की सियासत में कुछ ऐसा ही हुआ है। बीएसपी सांसद रितेश पांडे के पिता पूर्व सांसद राकेश पाण्डेय ने हाथी छोड़कर साइकिल की सवारी कर ली है, जिसके बाद सियासी समीकरण भी बदलने लगे हैं।
बता दें कि राकेश पाण्डेय वर्ष 2002 में समाजवादी पार्टी के टिकट से जलालपुर विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए थे और बाद में दलबदल करते हुए 2009 लोकसभा में बीएसपी के टिकट से सांसद निर्वाचित हुए। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में राकेश पाण्डेय पराजित हो गए और 2017 का विधानसभा चुनाव जलालपुर से अपने पुत्र रितेश पाण्डेय को लड़ाया। जिसमें रितेश पाण्डेय को जीत मिली। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा गठबंधन से रितेश पाण्डेय सांसद चुने गए। जलालपुर के उपचुनाव में सीट बीएसपी के हाथ से खिसक गई और यहां से समाजवादी पार्टी के सुभाष राय विधायक निर्वाचित हुए।
2022 के चुनाव की सरगर्मी शुरू होते ही अपने चहेते को बीएसपी से टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व सांसद राकेश पाण्डेय ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। चर्चा है कि समाजवादी पार्टी से 2022 का विधानसभा चुनाव जलालपुर सीट से लड़ेंगे। ऐसे भी वर्तमान विधायक सुभाष राय एवं उनके समर्थकों की नाराजगी समाजवादी पार्टी के लिए खतरे का सबब भी बन सकती है। वहीं पूर्व सांसद राकेश पाण्डेय जहां समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार प्रसार करते नजर आएंगे तो वहीं उनके पुत्र बीएसपी सांसद रितेश पाण्डेय हाथी को मजबूत करते दिखेंगे।