विभागीय अफसरों की सह पर कोटेदार कार्डधारकों से करते हैं अभद्रता, देते हैं कम राशन
डीएसओ, एआरओ, कतिपय भ्रष्ट पूर्ति निरीक्षकों व बाबुओं का तबादला हुआ आवश्यक: नीलरत्न मणि
अम्बेडकरनगर। जिले की पाँचों तहसील और नौ ब्लाक अन्तर्गत आने वाले लगभग सभी ग्रामीण और शहरी इलाके में कोटेदारों द्वारा राशन वितरण में जमकर धांधली की जा रही है। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत व लापरवाही से कोटेदार पूरी तरह मनमानी कर रहे हैं जिसका खामियाजा राशनकार्ड धारकों को भुगतना पड़ रहा है। ये खामियाजा कार्डधारकों का कम तौल यानि घटतौली के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
सोशल मीडिया में भीटी तहसील के कटेहरी विकास खण्ड की ग्राम पंचायत हरिश्चन्द्रपुर में कोटेदार द्वारा कार्डधारकों को 5 यूनिट पर 25 किलो के स्थान पर 20 किलो राशन दिये जाने का मामला सुर्खियों में बना रहा। जिसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को होने के बावजूद भी इस धांधली की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कार्डधारकों का यह भी आरोप है कि कहने के लिए 20 किलो राशन दिया जाता है लेकिन यदि उसकी सही तौल की जाये तो 2 से 3 किलो राशन उसमें भी कम ही रहता है। कोटेदार की घटतौली का खेल पुराना तो है ही इस बावत क्षेत्र के कई कोटेदारों का यह भी मानना है कि उन्हें राशन गोदाम से ही उठान के समय कम राशन मिलता है। विभागीय कर्मचारी राशन उठान में बड़ा खेल करते हैं, जिससे हमें मजबूरी में कार्डधारकों को कम राशन देना पड़ता है।
कटेहरी विकासखण्ड के हरिश्चन्द्रपुर ग्राम पंचायत के कोटेदार के बारे में पूर्ति निरीक्षक से सम्पर्क करना चाहा तो सम्पर्क सम्भव नहीं हो सका। उनके बारे में कहा जाता है कि वह एक प्रभावशाली व रसूखदार परिवार से सम्बन्ध रखती हैं, और निकटवर्ती जनपद सुल्तानपुर की रहने वाली हैं। इस तरह जब क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी प्रथम से दूरभाषीय सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कभी भी फोन कॉल रिसीव ही नहीं किया। इनके बारे में कहा जाता है कि ये इस जनपद के सीमापवर्ती जनपद अयोध्या के एक ऐसे गाँव के निवासी हैं जिसका सत्ता के गलियारों से लेकर प्रभावशाली लोगों में अच्छी पैठ है।
अभी हाल में ‘गरीबों का राशन डकार रहा है कोटेदार’ शीर्षक से छपी खबर मीडिया, सोशल मीडिया और यूट्यूब चैनल के जरिये खूब प्रसारित हुई। बावजूद इसके जिला पूर्ति विभाग के उत्तरदायी मुलाजिम ध्यान नहीं दे रहे हैं और परिणाम यह है कि टाण्डा ब्लाक के गाँव अरसांवा का कोटेदार ग्रामीण राशन कार्ड धारकों का राशन डकार ले रहा है। टाण्डा के अरसांवा गाँव का दबंग कोटेदार शिकायतकर्ता कार्डधारकों को डांटकर भगा देता है ऐसा आरोप है। इस कोटेदार द्वारा राशन की कटौती किये जाने से अरसांवा के कार्डधारकों में काफी आक्रोश व्याप्त है। बताया गया है कि ऐसा नहीं है कि पहली बार ऐसा हो रहा है। इस तरह की शिकायतें डीएसओ, एआरओ, इंस्पेक्टर स्तर पर बराबर होती रहती हैं परन्तु नतीजा वही ढाक के तीन पात।
एआरओ द्वितीय को जब भी फोन कॉल करके इस बावत जानकारी चाही गई तो उन्होंने फोन कॉल उठाया ही नहीं। यहाँ बता दें कि अरसांवा गांव के कोटेदार की मनमानी के खिलाफ अनेको बार कार्डधारकों द्वारा हंगामा भी किया गया है, इन सबके बावजूद न तो कोटेदार के विरूद्ध कोई कार्रवाई हो रही है और न ही जिम्मेदार पूर्ति अधिकारी, निरीक्षक एवं डीएसओ इधर ध्यान ही दे रहे हैं। इस बावत बताया गया है कि डीएसओ, एआरओ द्वितीय तथा एआरओ प्रथम की सेवाएँ इस जनपद में चार वर्ष से अधिक की हो चुकी है और इनका स्थानान्तरण चुनाव उपरान्त होने वाला है। इसलिए ये लोग जन समस्याओ की तरफ ध्यान न देकर अपनी स्वयं की कमाई पर ही ध्यान दे रहे हैं। ये लोग कुछ खास मीडिया परसन से प्रबन्धन करके सकारात्मक खबरों का प्रकाशन करवाकर अपनी इज्जत बचाये हुए हैं।
इसी तरह के हालात जलालपुर, आलापुर, अकबरपुर में भी है। परन्तु प्रभावशाली लोगों से मैत्रीभाव बनाकर सुदृ़ढ़ मीडिया प्रबन्धन करके सप्लाई महकमे के सभी जिम्मेदार कोटेदारों की तरफ से मुंह मोड़े हुए हैं। यदि यह कहा जाये कि चोर चोरी कर रहा है और पुलिस डण्डा पटक रही है तो गलत नहीं होगा। हर कोई अपना अपना काम कर रहा है।
जिले के समाजसेवी नील रत्न मणि ने उत्तर प्रदेश शासन के मुखिया को प्रेषित पत्र में लिखा है कि अम्बेडकरनगर जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली ध्वस्त हो चुकी है। गरीबों का निवाला अफसर, कोटेदार डकार रहे हैं। बेहतर यह होगा कि इस व्यवस्था के सुचारू संचालन, सुदृ़ढ़ीकरण हेतु डीएसओ, एआरओ द्वितीय, एआरओ प्रथम एवं अन्य लापरवाह पूर्ति निरीक्षकों का यहाँ से अविलम्ब स्थानान्तरण किया जाये। भले ही यूपी के सीएम माननीय योगी आदित्यनाथ जी को आदर्श आचार संहिता के दृष्टिगत चुनाव आयोग से इसकी अनुमति लेनी पड़े।
नीलरत्न मणि ने अपने पत्र में विभाग के जनपदीय कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक, स्टेनो के भी यहाँ से स्थानान्तरण की बात लिखी है। रत्नमणि ने कहा है कि यदि विभाग से इन अधिकारियों/कर्मचारियों का इस जनपद से तबादला कर दिया जाये तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दशा सुधर सकती है। गरीबों के हक में मुख्यमंत्री जी को यह कठोर कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा है कि एआरओ द्वितीय और एआरओ प्रथम अपने मूल पद के अलावा कई ब्लाकों के पूर्ति निरीक्षक पद का प्रभार भी लिये हुए हैं। ये दोनो विशुद्ध रूप से दोनों हाथों से कमाई कर रहे हैं।