ठण्ड से कांपते लोगों को कम्बल का इंतजार
अम्बेडकरनगर। सर्दी अपना असर दिखा रही है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से अलाव के साथ रैन बसेरे की व्यवस्था की गई है, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से अलाव नहीं जल रहे हैं। इससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इन दिनों ठंड जोरों पर है। इससे बचाव के लिए लोग विभिन्न जतन कर रहे हैं। विगत कई दिनों से सर्दी के प्रकोप से जहां सुबह व रात का पारा काफी नीचे आ गया है वहीं दिन का तापमान भी नीचे आ पहुंचा है। इन सर्द हवाओं व कंपकंपा देने वाली ठंड से बचाव के लिए अभी तक नगर प्रशासन ने नगर में कहीं भी अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की है। जबकि शासन को ठंड शुरू होते ही अलाव की व्यवस्था करनी चाहिए।ठंड से किसी तरह के बचाव का प्रशासन द्वारा इंतजाम नहीं किए जाने से हर कोई आहत है। लोग प्रशासन से आस लगाए बैठे हैं कि चौक-चौराहों पर अलाव का इंतजाम कर देगी।
नगर पालिका परिषद अकबरपुर द्वारा नगर में अलाव जलाने के लिए कहीं भी लकडिय़ों का इंतजाम नहीं किया है। इस कारण लोग अपने स्तर पर कूड़ा-करकट बीनकर अलाव जलाकर सर्दी से बचने के जतन कर रहे हैं। इसमें लोग प्लास्टिक तक जला रहे हैं, जो पर्यावरण में जहरीला धुआं छोड़ रही है। कुछ स्थानों पर बेकार पड़े टायरों को भी जलाकर ठंड भगाई जा रही है जो बदबू के साथ पर्यावरण पर विपरीत असर डाल रहे हैं।
नगर पालिका द्वारा ठंड के जोर पकड़ते ही नगर के विभिन्न स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जाती है। इसमें मुख्य चौराहों, गरीब बस्तियों, अस्पताल, बस स्टैंड आदि स्थानों पर शासकीय अलाव जलाए जाते हैं। इससे अधिक से अधिक लोग इसका फायदा उठा सके। इस बार तापमान में अधिक गिरावट होने के बाद भी यह व्यवस्था अभी तक नहीं हो सकी है।
क्षेत्र में चार दिनों से ठंड से जनजीवन प्रभावित हो गया है। ठंड के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। इसके बाद भी दिनभर ठिठुरन रही। नगर पालिका परिषद ने भी जगह-जगह अलाव जलाने की व्यवस्था की है।कस्बे में अब तक कुछ स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। इससे मुसाफिरों को भटकना पड़ रहा है, जबकि कागजों में व्यवस्थाएं चाक चौबंद दिखाई जा रही हैं।अलाव की व्यवस्था नहीं रहने से विक्षिप्त व गरीबों की शामत आ गई है। अलाव के सहारे ही वो अपनी रात गुजारते हैं, लेकिन अलाव की व्यवस्था नहीं होने से उनके सामने रात गुजारना एक कठिन चुनौती है।जरुरतमंद लोगों के लिए सरकार की ओर से मिलने वाला कंबल ही सहारा होता है, लेकिन सरकार य नगर प्रशासन ने इस ओर आज तक ध्यान नहीं दिया है।