देश में पिछले 24 घंटों में 90,928 नए कोविड -19 मामले सामने आने के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एक डॉक्टर ने चेतावनी जारी की है। उन्होंने सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी है। एम्स न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉक्टर डॉ पी शरत चंद्रा ने कहा कि, प्रसार से बचने के लिए टीकाकरण, मास्किंग का सक्रिय रूप से पालन किया जाना चाहिए। भले ही 1% आबादी को अस्पताल में भर्ती हो, लेकिन यह एक बड़ी संख्या होगी।
डॉ पी शरत चंद्रा ने कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन संस्करण का जिक्र करते हुए कहा कहा कि, यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने हथियार यह सोचकर ना गिराएं कि ये संक्रमण हल्का है। हमें इससे बचने के लिए हर संभव कोशिश करनी होगी। उन्होंने आगे कहा कि, हमें अपने स्वास्थ्य कर्मियों की रक्षा करनी होगी। उन्हें पूरी सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि वे अग्रिम पंक्ति के सैनिक हैं... मेरी साथ के लगभग 50% साथी बीमार हैं, या उनमें हल्के लक्षण हैं, लेकिन वे काम नहीं कर पा रहे हैं... हम डॉक्टरों के बीमार पड़ने का जोखिम नहीं उठा सकते।
डॉ. चंद्रा ने कहा कि, हमें अस्पतालों पर अधिक बोझ नहीं बढ़ाना...अस्पताल के बिस्तर वैसे ही कम पड़ने शुरू हो गए हैं, जैसे दूसरी लहर में हुआ था.. मान लीजिए कि दिल्ली में हमारे पास 25 मिलियन (लोग) हैं, भले ही 1% अस्पताल में भर्ती हों, लेकिन दिल्ली एनसीआर इसे संभाल नहीं सकता है। हमारा हेल्थ केयर सिस्टम क्रैश हो जाएगा।
भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 90,928 नए मामले आए, 19,206 रिकवरी हुईं और 325 लोगों की कोरोना से मौत हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि देश में अब तक मिले कुल मामलों में से सिर्फ 0.61 फीसदी ही एक्टिव केस हैं। साथ ही बीते 24 घंटे की बात करें तो एक्टिव केस में 42,174 मरीज बढ़े हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि कोरोना वायरस की रफ्तार तेज होने से रोजाना पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 4.18 फीसदी हो गई है।