अम्बेडकरनगर। जिले के जलालपुर ब्लाक अंतर्गत मालीपुर में बने गौशाला की स्थिति पूर्ण रूप से जर्जर है। यहां पर ना तो प्रधान और न ग्राम पंचायत सचिव किसी प्रकार की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। आए दिन पशु गड्ढे में गिर कर चोटिल हो रहे है और जो पशु चोटिल हो जाते हैं उनका ठंड के कारण मृत्यु हो जा रही है क्योंकि ठंड से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है यहां तक की मृतक पशुओं को जब दफनाया जाता है, उसकी भी व्यवस्था ठीक नहीं है।
आपको बताते चलें की दफनाए हुए पशुओं को कुत्ते निकाल कर खा रहे हैं ग्राम पंचायत सचिव उदय राज गौतम से जब बातचीत की गई तो उन्होंने कहा की मेरे यहां 55 कुंटल भूसा, चुनी, चोकर, गुड सब कुछ यहां उपलब्ध है। और मैंने सुबह ही अपने हाथ से पशुओं को खिलाया है , जबकि इनका कथन सौ परसेंट झूठ साबित हुआ जब देखा गया तो वहां पर भूसा तो लगभग 40 से 45 कुंटल था परंतु पशु आहार आधी बोरी और धान की पॉलिश एक बोरी मात्र पाई गई गुड़ का नामोनिशान नहीं था और पशुओं को बाउंड्री के बाहर टहलते हुए देखा गया।
जब इस पर बातचीत किया गया तो ग्राम सचिव ने कहा कि अभी उसको अंदर करवा देंगे इस प्रकार की घोर लापरवाही ग्राम पंचायत सचिव के रहते हुए वहां के कर्मचारी कर रहे हैं तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि ग्राम पंचायत सचिव, प्रधान, कर्मचारी गण सभी लोग गौशाला के धन को बंदर बांट कर खा जा रहे हैं। इसीलिए ग्राम पंचायत सचिव के रहते हुए भी कर्मचारी गण लापरवाह दिखाई दे रहे हैं और इस लापरवाही को जानवरों को भुगतना पड़ रहा है।
सरकार के महत्वाकांक्षी योजना पशुओं को पशुशाला में रखकर उनकी देख-रेख करना उनका इलाज करना एवं उनको सुख सुविधा उपलब्ध करवाना यह केवल मात्र भाषण एवं लिखा पढ़ी ही रह गई है। संबंधित अधिकारीगण इस पर मौन साधे हुए हैं कभी भी कोई अधिकारीगण यदि पशुशाला का औचक निरीक्षण करते तो पशुशाला में इस प्रकार की घोर लापरवाही देखने को ना मिलती।