बजबजाती नालियों की नहीं होती सफाई, चारों तरफ लगा है कूड़े का ढेर
अम्बेडकरनगर। जिले के अकबरपुर तहसील क्षेत्र के रतनपुर में बना कांशीराम आवास साफ सफाई न होने से बदहाल हो गया है। स्टोर के लिए जो कमरा बना था, वह गौशाला बन गया है। वहीं आवास में बाहरी लोगों का जमवाड़ा होता है, लेकिन कोई भी अधिकारी इन आवासों का सुध लेने वाला नहीं है। कांशीराम शहरी विकास योजना पूर्व सीएम मायावती की ड्रीम प्रोजेक्ट थी। 2007 में जब वह मुख्यमंत्री बनीं तो उन्होंने उन गरीबों के लिए आवास बनवाया, जिनके पास घर नहीं था।
इसी के तहत जगह-जगह पर कांशीराम आवास का निर्माण हुआ और लॉटरी निकाल कर गरीबों को आवास आवंटित किया गया, लेकिन अब ये आवास साफ-सफाई न होने से बदहाल हो गए है। नलिया गंदगी से भरी बजबजा रहती हैं। वहीं पूरे आवास परिसर में जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है। कांशीराम आवास में राशन रखने के लिए स्टोर बनाया गया है। इसके लिए तीन कमरे बने हैं, लेकिन अब इस स्टोर में राशन तो नहीं रहता है बल्कि गाय का आवास बन गया है। इसमें हमेशा गौवंश रहते हैं।
कांशीराम आवास में ऐसे लोग के नाम आवास आवंटित हो गया है, जिनका घर आवास से कोसो दूर है। इस कारण ऐसे बहुत से लोग हैं, जिनके नाम आवास तो आवंटित हो गया, लेकिन ये लोग रहते नहीं हैं। कांशीराम आवास में रहने वाली एक महिला ने बताया कि यहां पर ऐसे लोग भी रहते हैं, जिनके नाम आवास नहीं दर्ज है, लेकिन कौन किसके नाम से रह रहा है। यह पूछने कोई नहीं आता है। कांशीराम आवास का निर्माण 2007 से शुरू हुआ और 2011 तक ये गरीबों को आवंटित कर दिया गया। आवंटित होने के 10 साल बाद भी इन आवासों की कभी रंगाई-पुताई नहीं हुई। जिसके कारण यह गंदे दिखाई देते हैं।