'बुल्ली बाई' नाम के आपत्तिजनक मोबाइल ऐप पर मुस्लिम महिलाओं की फोटो पोस्ट कर उनकी नीलामी मामले को लेकर अब राजनीतिक गरमा गई है। विपक्षी दलों ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अपराध पर एक्शन को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा है। शिवसेना, कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन) समेत कई राजनीतिक दलों ने अपराधियों के खिलाफ सरकार द्वारा त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले पर कांग्रेस के पूर्व सांसद राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर महिलाओं के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा,
महिलाओं का अपमान और सांप्रदायिक नफरत तभी बंद होंगे जब हम सब एक आवाज में इसके खिलाफ खड़े होंगे। साल बदला है, हाल भी बदलो- अब बोलना होगा!
अपने एक ट्वीट में शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा, 'इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, हालांकि आपत्तिजनक ऐप और साइटों को ब्लॉक कर दिया गया है। 'सुल्ली डील्स' के बाद 'बुल्ली डील्स' के फिर से शुरू होने से पहले मेरे द्वारा 30 जुलाई और 6 सितंब, 2021 को आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा गया था, जिसका जवाब मुझे 2 नवंबर को मिला।' उन्होंने बताया कि इस मामले में उनकी बात मुंबई पुलिस कमिश्नर और डीसीपी क्राइम से भी हुई है। शिवसेना नेता ने उनसे अपील की कि इस मामले में तुरंत जांच की जाए।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने अपने एक ट्वीट में लिखा, 'अब समय आ गया है कि हमारी दिल्ली पुलिस पर शिकंजा कसा जाए। यह शर्मनाक है कि ऐसी मानसिकता के लोग मौजूद हैं लेकिन अगर उन्हें आज सबक नहीं सिखाया गया तो वे अपराध का अगला मौका तलाश लेंगे।' उधर, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्विटर पर महिलाओं का समर्थन किया। उन्होंने आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मामले का संज्ञान लेने को कहा। ओवैसी ने ट्वीट में कहा, 'शर्मनाक! अधिकारियों की निष्क्रियता ने इन अपराधियों को बेशर्म बना दिया है। अश्विनी वैष्णव और दिल्ली पुलिस से आग्रह है कि वह इस मामले की जांच करें और सख्त कार्रवाई करें।'